गाज़ीपुर – जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में रायफल क्लब कलेक्ट्रेट सभागार, गाजीपुर में जिलास्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा पूर्व में दिये गए निर्देशों के अनुपालन की आख्या प्रस्तुत की गई।
खाद्य अनुभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 अप्रैल 2025 से 30 नवंबर 2025 के बीच कुल 408 छापेमारी तथा 1623 निरीक्षण किए गए। इस अवधि में 428 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए, जिनमें से 106 नमूने अपमिश्रित पाए गए। अपमिश्रण के मामलों में न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय में 194 तथा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 20 वाद दर्ज कराए गए। अपमिश्रण मामलों में कुल ₹11,12,000 का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
औषधि अनुभाग द्वारा इस अवधि में 138 निरीक्षण करते हुए 136 दवाओं के नमूने जांच हेतु भेजे गए। निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर 31 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। मेडिकल स्टोर्स पर बिल, वाउचर एवं रसीदों की जांच कर विक्रेताओं को नियमों के पालन हेतु निर्देशित किया गया। जनपद के 7 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों का निरीक्षण किया गया तथा 12 दवाओं के नमूने लैब में भेजे गए। नारकोटिक्स औषधियों की अवैध बिक्री रोकने के लिए अभियान चलाया गया, जिसमें 6 प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
बैठक में मेडिकल स्टोर्स को बिना बिल-बाउचर दवा बिक्री न करने, स्ट्रीट फूड वेंडर्स को स्वच्छता संबंधी प्रशिक्षण देने, प्रयुक्त खाद्य तेल (RCO) का डेटा एकत्र कर तेल कंपनियों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। एमडीएम, पीडीएस, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा एल्कोहोलिक बेवरेज प्रतिष्ठानों का अनिवार्य खाद्य पंजीकरण कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी और केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।














