नई दिल्ली। रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार की एक साल की उपलब्धियों को गिनाते हुए परिवहन, वित्तीय पारदर्शिता और जनकल्याण योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 65,000 करोड़ रुपये के भारी घाटे से जूझ रही दिल्ली परिवहन निगम (DTC) को उबारने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं और अब राजधानी की सड़कों पर 6100 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं।
DTC को पटरी पर लाने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान DTC की स्थिति बेहद खराब हो गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अब DTC को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत 150 करोड़ रुपये की लागत से 12 मंजिला नया मुख्यालय भी बनाया जाएगा, जिसका शिलान्यास किया जा चुका है।
ईवी बसों में दिल्ली सबसे आगे
रेखा गुप्ता ने दावा किया कि 6100 ईवी बसों के साथ दिल्ली देश में इलेक्ट्रिक बसों के मामले में अग्रणी बन चुकी है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन भी अधिक सुलभ और टिकाऊ बनेगा।
सीधे खातों में 24 करोड़ रुपये ट्रांसफर
सरकार की पारदर्शिता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 12,877 लाभार्थियों के खातों में सीधे 24 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “क्रेडिट लेने की होड़” से दूर रहकर ईमानदारी से काम कर रही है।
पिछली सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने केवल वादे किए, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि “11 साल में किसी की समस्या का समाधान नहीं हुआ,” जबकि वर्तमान सरकार नीयत से ईमानदार होकर काम कर रही है और पुरानी देनदारियों को भी पूरा कर रही है।
गिग वर्कर्स के अधिकारों पर जोर
बदलती अर्थव्यवस्था में गिग वर्कर्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार उनके अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गिग वर्कर्स की समस्याओं को दूर कर उन्हें बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।
दिल्ली सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल में परिवहन सुधार, वित्तीय सहायता और श्रमिक कल्याण को प्रमुख प्राथमिकता बताया है। आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभाव और क्रियान्वयन पर सभी की नजरें रहेंगी।














