नई दिल्ली:दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्थानीय निकायों को बेसिक टैक्स असाइनमेंट (BTA) की तीसरी एवं अंतिम किस्त के रूप में कुल ₹68,722.47 लाख की राशि जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस कदम से राजधानी में आवश्यक नागरिक सेवाओं, स्वच्छता और विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।
स्वीकृत राशि में से ₹67,312.72 लाख नगर निगम दिल्ली (MCD) को, ₹573.39 लाख दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड (DCB) को तथा ₹836.36 लाख नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) को आवंटित किए गए हैं। यह धनराशि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप केवल जनहित, आवश्यक नागरिक सेवाओं और विकासात्मक कार्यों पर ही खर्च की जाएगी।
पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन अनिवार्य
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि जारी की गई राशि के उपयोग में पूर्ण वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और सावधानी बरतना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि धन का दुरुपयोग न हो और हर खर्च का स्पष्ट लेखा-जोखा रखा जाए।
‘स्थानीय निकायों को सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता’
मंत्री सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। BTA की अंतिम किस्त जारी होने से MCD, NDMC और DCB को स्वच्छता, आधारभूत ढांचे, नागरिक सुविधाओं और आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को और मज़बूत करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
दिल्लीवासियों को मिलें बेहतर नागरिक सुविधाएं
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्थानीय निकायों को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि राजधानी के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर सुविधाएं पहुंच सकें।
MCD को अतिरिक्त ₹500 करोड़ की बड़ी मदद
इसके साथ ही मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली को स्वच्छ और धूल-मुक्त बनाने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए दिल्ली सरकार ने MCD को ₹500 करोड़ की एकमुश्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की है। इसके अलावा आने वाले वर्षों में ₹300 करोड़ की नियमित वार्षिक सहायता भी दी जाएगी।
यह राशि कचरा प्रबंधन, स्वच्छता सेवाओं के संचालन, लंबित बकाया भुगतान, ठेकेदार-विहीन क्षेत्रों से कचरा उठाने तथा धूल प्रदूषण कम करने के लिए छोटे स्तर की सड़क मरम्मत जैसे कार्यों में उपयोग की जाएगी। मंत्री ने दोहराया कि इस राशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए होगा और इसकी कड़ी निगरानी की जाएगी।














