Wednesday, February 11, 2026
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दिल्ली कैबिनेट के अहम फैसले: ई-वेस्ट ईको पार्क, जलाशयों का पुनरुद्धार और डीटीसी को मिलेगी पूरी बस सेवा की जिम्मेदारी

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजधानी के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य दिल्ली को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित करना है, जहां विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

बैठक में होलंबी कलां में ई-वेस्ट ईको पार्क की स्थापना, दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बस सेवाओं को और सशक्त बनाने, राजधानी की जल संरचनाओं के संरक्षण एवं पुनरुद्धार तथा अगले महीने दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आयोजन जैसे अहम निर्णय लिए गए।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राजधानी का विकास केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रहे, बल्कि उसका सीधा लाभ आम नागरिकों—विशेषकर गरीब, मध्यम वर्ग और वंचित तबकों—तक पहुंचे। सरकार स्वच्छ पर्यावरण, मजबूत सार्वजनिक परिवहन, जल संरक्षण और टिकाऊ शहरी विकास को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट ईको पार्क जैसी परियोजनाएं जहां पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देंगी, वहीं हरित रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी। डीटीसी बस सेवाओं के बेहतर संचालन से राजधानी के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन मिलेगा।


होलंबी कलां में बनेगा ई-वेस्ट ईको पार्क

कैबिनेट ने राजधानी दिल्ली में होलंबी कलां क्षेत्र में ई-वेस्ट ईको पार्क की स्थापना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में हर साल लगभग 2.5 लाख टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा उत्पन्न होता है, जिसका करीब 90 प्रतिशत हिस्सा असंगठित क्षेत्र के माध्यम से असुरक्षित तरीकों से निपटाया जाता है। इससे मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा होता है।

ई-वेस्ट के सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान के लिए यह ईको पार्क विकसित किया जाएगा। पहले चरण में यह परियोजना लगभग 11.4 एकड़ भूमि पर स्थापित होगी, जिसकी न्यूनतम प्रसंस्करण क्षमता 51,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष होगी। यह केंद्र ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के तहत अधिसूचित 100 से अधिक प्रकार के ई-वेस्ट के निपटान में सक्षम होगा।

यहां ई-वेस्ट का संग्रह, खोलना, रीसाइक्लिंग, उपयोगी धातुओं की रिकवरी और अन्य वैज्ञानिक प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी। परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) को सौंपी गई है। इसमें निजी भागीदार द्वारा लगभग 250 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है, जबकि सरकार की ओर से प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना की डीपीआर को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और जून 2025 में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने भूमि उपयोग परिवर्तन की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। सरकार का मानना है कि यह ई-वेस्ट ईको पार्क देश में वैज्ञानिक और टिकाऊ ई-वेस्ट प्रबंधन का मॉडल बनेगा।


जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनरुद्धार पर जोर

कैबिनेट बैठक में राजधानी की जल संरचनाओं (वाटर बॉडीज़) के संरक्षण और पुनरुद्धार को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। इस योजना के लिए राजस्व विभाग के अंतर्गत एक नया प्रमुख मद (मेजर हेड) खोलने को मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपेक्षित और क्षतिग्रस्त जल निकायों के पुनर्जीवन से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा इस कार्य के लिए 19 करोड़ 62 लाख 95 हजार रुपये पहले ही राजस्व विभाग को हस्तांतरित किए जा चुके हैं।

इस योजना के तहत जलाशयों की गाद निकासी, चारदीवारी निर्माण, पैदल पथ और पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने जैसे कार्य किए जाएंगे। प्रत्येक राजस्व जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति इस योजना की निगरानी करेगी। पुनर्जीवित जल निकायों को आकर्षक सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को मनोरंजन के अवसर भी मिलेंगे।


अब सभी बस सेवाओं का संचालन DTC करेगी

एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में कैबिनेट ने दिल्ली की सभी बस सेवाओं का संचालन DIMTS से हटाकर दिल्ली परिवहन निगम (DTC) को सौंपने की मंजूरी दी है। यह व्यवस्था अगले वित्तीय वर्ष से लागू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, रूट रेशनलाइजेशन आसान होगा और ड्राइवर व कंडक्टरों को अधिक स्थिरता मिलेगी।


5 जनवरी से शुरू होगा दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से शुरू होकर 8 जनवरी तक चलेगा। आवश्यकता पड़ने पर सत्र की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। इस दौरान सरकार जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेगी।

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