जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के ‘कोलकाता तक पहुंचने’ वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान को ऐसे दावे करने से पहले अपनी पिछली स्थिति याद कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले साल हुए Operation Sindoor के दौरान पाकिस्तान दिल्ली तक भी नहीं पहुंच पाया था, ऐसे में कोलकाता पहुंचने की बात करना केवल बयानबाजी है।
मंगलवार (7 अप्रैल) को मीडिया से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है और उस दौरान पाकिस्तान की स्थिति सबने देखी थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान किसी तरह जम्मू तक तो पहुंचा, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं कर सका। ऐसे में देश की राजधानी तक न पहुंच पाने वाले लोग कोलकाता तक पहुंचने का सपना देख रहे हैं, जो वास्तविकता से दूर है।
क्या कहा था ख्वाजा आसिफ ने
दरअसल, 4 अप्रैल को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान दिया था कि भविष्य में यदि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई संघर्ष होता है तो वह केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कोलकाता का उदाहरण देते हुए कहा था कि अगर भारत कोई ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ करने की कोशिश करता है, तो पाकिस्तान इस बार जवाब देते हुए कोलकाता तक पहुंच सकता है।
उनके इस बयान पर भारत की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से हालात बेहतर नहीं होंगे और पाकिस्तान को अपने हालात पर ध्यान देना चाहिए।
पाकिस्तान को रिश्ते सुधारने की सलाह
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान को सलाह देते हुए कहा कि उसकी भलाई इसी में है कि वह भारत के साथ संबंध सुधारने की कोशिश करे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के खराब रिश्तों का असर भारत से ज्यादा पाकिस्तान पर पड़ता है, इसलिए टकराव की राजनीति छोड़कर संवाद और सहयोग पर ध्यान देना चाहिए।
ईंधन संकट पर भी कसा तंज
उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक और ईंधन संकट की स्थिति पर भी तंज कसते हुए कहा कि भारत में विमान सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, जबकि पाकिस्तान एयरलाइंस को पहले से ईंधन भरकर आने की सलाह दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी किसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन से यह नहीं कहा कि हमारे पास तेल नहीं है, जबकि पाकिस्तान की हालत सबके सामने है।
उन्होंने कहा कि कोलकाता तक पहुंचने के सपने देखने के बजाय पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं को ठीक करने पर ध्यान देना चाहिए।
#WATCH | जम्मू: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर पूरा हुए 1 साल भी नहीं हुए। क्यों वे(पाकिस्तान) हमें मजबूर कर रहे हैं याद दिलाने के लिए कि किस तरह के हालात बने हुए थे। कोलकाता तो दूर की बात वे मुश्किल से जम्मू पहुंचें… कोलकाता पहुंचने का सपना… pic.twitter.com/ENs1sMpHUS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 7, 2026
ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों पर Operation Sindoor के तहत बड़ी कार्रवाई की थी।
इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने मिसाइल और ड्रोन के जरिए कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था। इसके जवाब में पाकिस्तान की ओर से भी गोलाबारी और ड्रोन हमले किए गए थे, लेकिन उसे कोई बड़ी सफलता नहीं मिली थी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच उमर अब्दुल्ला का यह बयान भारत की ओर से पाकिस्तान को दिया गया एक सख्त संदेश माना जा रहा है कि भारत की सुरक्षा और जवाबी क्षमता को हल्के में लेना किसी के लिए भी आसान नहीं है।














