पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सियासी गर्मी अब सड़क पर भी दिखाई देने लगी है। मतदाता सूची से जुड़े फॉर्म-6 को लेकर मंगलवार को बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर तीखी झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और पूरे मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
दरअसल, यह विवाद उस समय भड़का जब टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति पूर्वी मेदिनीपुर के करीब 400 फॉर्म-6 लेकर चुनाव आयोग के कार्यालय के अंदर गया था। टीएमसी समर्थकों का कहना है कि उन्होंने उस व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ लिया और उसकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे वहां से नहीं हटेंगे। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
वहीं दूसरी ओर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीएमसी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। बीजेपी का कहना है कि टीएमसी के कार्यकर्ता प्रतिबंधित क्षेत्र में जबरन घुस गए और माहौल खराब करने की कोशिश की। बीजेपी समर्थकों का आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ता वहां बैठकर गुंडागर्दी कर रहे थे और पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रहे थे।
घटना की खबर फैलते ही उत्तरी कोलकाता से भी बीजेपी के कई कार्यकर्ता और समर्थक मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस बैरिकेड के दोनों ओर बड़ी संख्या में दोनों दलों के समर्थक जमा हो गए। दोनों तरफ से जोरदार नारेबाजी होने लगी, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्रीय बलों की भी तैनाती करनी पड़ी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में टीएमसी के महासचिव Abhishek Banerjee का हालिया आरोप भी अहम माना जा रहा है। उन्होंने सोमवार को दावा किया था कि Bharatiya Janata Party फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने की कोशिश कर रही है और इनमें से कई नाम बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के हैं। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चुनाव आयोग से सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की थी।
फॉर्म-6 को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब बंगाल की चुनावी राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। Election Commission of India के कार्यालय के बाहर हुई इस झड़प ने साफ संकेत दे दिया है कि विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश में राजनीतिक टकराव और तेज होने वाला है। दोनों दल एक-दूसरे पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगा रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में बंगाल की सियासत और गर्म होने के आसार हैं।














