नई दिल्ली: केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मोस्ट वांटेड अपराधी साहिल चौहान को Thailand से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई Ministry of External Affairs (MEA) और Ministry of Home Affairs (MHA) के साथ मिलकर इंटरपोल चैनलों के माध्यम से अंजाम दी गई।
CBI के अनुसार, साहिल चौहान को 10 अप्रैल 2026 को थाईलैंड से डिपोर्ट कर भारत लाया गया। वह Haryana पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती तथा अवैध हथियारों के इस्तेमाल जैसे कई गंभीर मामलों में वांछित था। बताया जाता है कि वह हरियाणा, Punjab और Chandigarh में सक्रिय कुख्यात Bhupi Rana gang का प्रमुख सदस्य था। इसके अलावा उसका नाम National Investigation Agency (NIA) की वांटेड सूची में भी शामिल था।
कोर्ट परिसर में गैंगवार का आरोपी
मामले के अनुसार, 4 जनवरी 2017 को Jagadhri के कोर्ट परिसर में गैंगवार के दौरान साहिल चौहान ने मोनू राणा पर फायरिंग की थी। उस समय मोनू राणा को एक मामले की सुनवाई के लिए अदालत लाया गया था। इस मामले में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी और अदालत ने उसे 10 साल की सजा सुनाई थी।
जमानत के बाद विदेश भागा
सजा के बाद साहिल को जमानत मिली, लेकिन वह फरार होकर विदेश चला गया और कई सालों तक गिरफ्तारी से बचता रहा। हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर नई दिल्ली स्थित इंटरपोल की राष्ट्रीय केंद्रीय इकाई (NCB) ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया। बाद में उसकी लोकेशन बैंकॉक में ट्रेस की गई, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर भारत भेज दिया गया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत
Indira Gandhi International Airport पर पहुंचने के बाद हरियाणा पुलिस की टीम ने साहिल चौहान को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे संबंधित एजेंसियों को सौंपा जाएगा।
CBI, भारत में इंटरपोल की राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में काम करती है और BHARATPOL प्लेटफॉर्म के जरिए देश की विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करती है। एजेंसी के मुताबिक, इंटरपोल के सहयोग से पिछले कुछ वर्षों में 150 से अधिक वांछित अपराधियों को विदेशों से भारत वापस लाया जा चुका है।














