भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के नाम पर सर्वसम्मति के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। नितिन नबीन के पक्ष में कुल 37 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं। यह संख्या न केवल संगठनात्मक समर्थन को दर्शाती है, बल्कि पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर व्यापक सहमति का भी संदेश देती है।
संसदीय दल की ओर से दाखिल नामांकन पत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर प्रस्तावक के रूप में दर्ज हैं। वहीं इस नामांकन प्रक्रिया में प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं की मौजूदगी ने इस चुनाव को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। प्रत्येक नामांकन पत्र पर 20 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर हैं, जो पार्टी संविधान की औपचारिक शर्तों से कहीं अधिक व्यापक समर्थन को दर्शाते हैं।
नामांकन वापस लेने का समय आज शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच निर्धारित किया गया है। इसके बाद शाम 6:30 बजे पार्टी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी लक्ष्मण औपचारिक रूप से चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे।
प्रधानमंत्री की मौजूदगी में होगा औपचारिक ऐलान
20 जनवरी को सुबह 11 बजे बीजेपी मुख्यालय में करीब 700 प्रतिनिधि जुटेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उपस्थित रहेंगे और उनकी मौजूदगी में नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित भी कर सकते हैं।
सभी राज्यों से समर्थन दिखाने की रणनीति
बीजेपी ने इस चुनाव में संगठनात्मक एकता और अखिल भारतीय समर्थन का संदेश देने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारियों को आज दोपहर 2 बजे पार्टी मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे।
पार्टी संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए न्यूनतम पांच राज्यों से प्रस्ताव आना आवश्यक होता है, लेकिन बीजेपी ने इस बार सभी राज्यों से प्रस्तावक मंगवाए। हर राज्य को एक-एक फॉर्म भेजा गया, जिसमें 20 प्रस्तावकों के नाम भरकर उनके हस्ताक्षर के साथ 18 जनवरी तक दिल्ली भेजने के निर्देश थे। इसका उद्देश्य स्पष्ट था—देशभर से नितिन नबीन के समर्थन का एक मजबूत और एकजुट संदेश देना।
21 जनवरी को पहली बड़ी बैठक
राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद 21 जनवरी को नितिन नबीन पार्टी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश संगठन महामंत्रियों और प्रदेश प्रभारियों के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में वे पार्टी की आगामी रणनीति, संगठनात्मक प्राथमिकताओं और भविष्य की राजनीतिक दिशा पर विचार-विमर्श करेंगे। नितिन नबीन इस मौके पर सभी पदाधिकारियों को संबोधित भी करेंगे।
मतदाता सूची और संगठन चुनाव की स्थिति
बीजेपी की जारी मतदाता सूची में कुल 5708 मतदाता शामिल हैं, जो 30 राज्यों में पूरे हो चुके संगठन चुनावों के आधार पर तैयार की गई है। हालांकि अभी दिल्ली, हरियाणा, त्रिपुरा और कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों में संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है, इसके बावजूद राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।
कुल मिलाकर, नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना अब लगभग तय माना जा रहा है। जिस तरह से पार्टी नेतृत्व, राज्यों और संगठन के हर स्तर से समर्थन सामने आया है, उसने बीजेपी के भीतर एक मजबूत एकजुटता और आने वाले समय के लिए स्पष्ट नेतृत्व की तस्वीर पेश कर दी है।














