नई दिल्ली: दिल्ली की कथित आबकारी नीति (शराब नीति) मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवालl, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद राजधानी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
अदालत का फैसला और 600 पन्नों का आदेश
अदालत ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष ऐसे पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जा सके। बताया जा रहा है कि आदेश करीब 600 पन्नों का है, जिसमें साक्ष्यों, गवाहियों और जांच की प्रक्रिया का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे “सत्य की जीत” बताया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इस पर आश्चर्य जताया है।
मनोज तिवारी का तीखा हमला
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि अदालत के निर्णय से उन्हें हैरानी है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि “झूठ अंततः हारेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि जब से आम आदमी पार्टी के नेताओं पर आरोप लगे, तब से सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताई जाती रही है।
मनोज तिवारी ने सवाल उठाया कि यदि दिल्ली की आबकारी नीति में कोई गड़बड़ी नहीं थी, तो उसे वापस क्यों लिया गया? उन्होंने कहा कि यह बड़ा सवाल है, जिसका जवाब जनता को मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ऊपरी अदालत में जाने की तैयारी कर रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
सीबीआई की अगली रणनीति
भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि यह फैसला निचली अदालत का है और जांच एजेंसी ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। उनका दावा है कि मामले में पुख्ता सबूत मौजूद हैं और उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में सत्य सामने आएगा।
केजरीवाल का पलटवार
वहीं, फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि मामले में मुकदमा चलाने योग्य कोई ठोस सबूत नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को खत्म करने की साजिश रची गई।
केजरीवाल ने कहा कि उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए, जिन्होंने उन पर झूठे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने राजनीति में “ईमानदारी कमाई है, पैसा नहीं।” साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi को दिल्ली में दोबारा चुनाव कराने की चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनकी पार्टी को 10 से ज्यादा सीटें मिल जाएं तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह और उनकी पार्टी के नेता जेल गए, तो अन्य विपक्षी नेताओं के मामलों में क्या कार्रवाई हुई? उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि क्या उन्हें इस पर कोई शर्म नहीं है।
राजनीतिक माहौल गरम
अदालत के फैसले ने एक बार फिर दिल्ली की राजनीति को गर्मा दिया है। एक ओर आम आदमी पार्टी इसे अपनी नैतिक जीत के रूप में प्रस्तुत कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे अधूरा सच बताते हुए आगे की कानूनी लड़ाई की बात कर रही है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां ऊपरी अदालत में क्या कदम उठाती हैं और क्या यह मामला फिर से न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है। फिलहाल, राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले ने दिल्ली की सियासत में नया मोड़ ला दिया है और आने वाले दिनों में इसका असर राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।














