लखनऊ: प्रयागराज में बटुक ब्राह्मणों की शिखा खींचे जाने के आरोपों को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच गुरुवार सुबह उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर बटुक ब्राह्मणों का एक समूह उनसे मिलने पहुंचा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी के साथ बटुक ब्राह्मणों का टीका लगाकर स्वागत किया, वहीं बटुक ब्राह्मणों ने उन पर पुष्प वर्षा कर आभार जताया।
बताया जा रहा है कि करीब 100 की संख्या में विभिन्न गुरुकुलों से बटुक ब्राह्मण इस मुलाकात के लिए पहुंचे थे। उपमुख्यमंत्री ने इन्हें विशेष रूप से मिलने के लिए बुलाया था, क्योंकि एक दिन पहले निर्धारित मुलाकात नहीं हो सकी थी।
शिखा खींचने की घटना पर सियासत तेज
यह पूरा मामला 18 जनवरी को प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेले के दौरान हुई कथित घटना से जुड़ा है। आरोप है कि स्नान के लिए संगम जा रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को स्थानीय पुलिस ने रोक दिया था। उनके समर्थकों का दावा है कि इस दौरान साथ आए बटुक ब्राह्मणों की शिखा (चोटी) खींची गई और दुर्व्यवहार किया गया।

इस घटना को लेकर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में इसे “महापाप” करार देते हुए कहा था कि किसी की चोटी खींचना गंभीर पाप है और ऐसा करने वालों को पाप लगता है। उनके इस बयान के बाद मामला और गरमा गया।
बटुक ब्राह्मणों ने जताया आभार
गुरुवार को हुई मुलाकात के दौरान बटुक ब्राह्मणों ने कहा कि सरकार में केवल दो नेताओं ने ही उनके साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है। उनका कहना था कि शिखा ब्राह्मण समाज की धरोहर है और उसका अपमान अस्वीकार्य है।
एक बटुक ब्राह्मण ने कहा, “हम यहां उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने आए हैं क्योंकि उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी।”
केशव मौर्य से भी हुई थी मुलाकात
इससे पहले बुधवार को बटुक ब्राह्मणों का एक समूह दूसरे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भी मिला था। मुलाकात के बाद प्रतिनिधियों ने बताया कि डिप्टी सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ है और ब्राह्मण समाज का सम्मान करती है।
“बटुकों का सम्मान, हमारा सौभाग्य”
सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक, सुसंस्कृत राष्ट्र के आधार स्तंभ, बटुक ब्राह्मणों का हार्दिक अभिनन्दन!@BJP4India @BJP4UP pic.twitter.com/aJOLPYJDil
— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) February 19, 2026
विपक्ष का हमला
उधर, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने ब्रजेश पाठक के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि उन्हें इस मुद्दे पर इतनी आपत्ति है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि “जब अपमान उसी सरकार के तहत हुआ है, तो केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा।”
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
इस मुलाकात को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां सरकार अपनी संवेदनशीलता और समर्थन का संदेश देना चाहती है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटा है।
फिलहाल यह मामला केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी और गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।














