जम्मू: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष Farooq Abdullah पर बुधवार (11 मार्च) को जानलेवा हमले की कोशिश का मामला सामने आया है। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके स्थित रॉयल पार्क में एक शादी समारोह के दौरान हुई, जहां एक व्यक्ति पिस्तौल लेकर उनके करीब पहुंच गया और गोली चलाने का प्रयास किया। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के चलते यह हमला नाकाम हो गया और फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए।
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने इसे हत्या का प्रयास करार दिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब उनके पिता को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की जेड+ सुरक्षा प्राप्त है, तो फिर हमलावर उनके इतने करीब कैसे पहुंच गया।
“अल्लाह मेहरबान है, मेरे पिता सुरक्षित हैं”
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अल्लाह की मेहरबानी से उनके पिता इस हमले में सुरक्षित बच गए। उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल लेकर काफी करीब पहुंच गया और गोली चलाने की कोशिश की।
Allah is kind. My father had a very close shave. The details are sketchy at the moment but what is known is that a man with a loaded pistol was able to get within point blank range & discharge a shot. It was only the close protection team that deflected the shot & ensured that… https://t.co/hYBe64Eigl
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) March 11, 2026
उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के कारण यह हमला विफल हो गया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं, जिनमें सबसे बड़ा सवाल यही है कि हमलावर जेड+ सुरक्षा घेरे को पार कर पूर्व मुख्यमंत्री तक कैसे पहुंचा।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान कमल सिंह के रूप में हुई है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी है। पुलिस ने उसे मौके से ही हिरासत में ले लिया और उसके पास से इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी बरामद कर ली है।
पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे आरोपी का मकसद क्या था और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।
कोई घायल नहीं, फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित
मुख्यमंत्री के सलाहकार Nasir Aslam Wani ने पुष्टि की कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला पूरी तरह सुरक्षित हैं और फिलहाल आराम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि यह जांच की शुरुआती प्रक्रिया है और पूरी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपी का उद्देश्य क्या था।
सुरक्षा में संभावित चूक पर चर्चा
घटना के समय मौजूद जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Kumar Choudhary ने भी पुष्टि की कि हमले में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक को लेकर सवाल उठाए।
घटना के बाद जम्मू जोन के आईजीपी भी गंग्याल पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां आरोपी को रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए पूछताछ की जा रही है।
सभी एजेंसियां जांच में जुटीं
#WATCH | जम्मू: नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) नेता ऐजाज़ अहमद जान ने कहा, “डॉक्टर साहब(फारूक अब्दुल्ला) शादी में गए थे, हम सभी लोग उनके साथ थे… हम सभी एक साथ रवाना हो रहे थे कि तभी पीछे से एक व्यक्ति तेज रफ्तार से भागता हुआ आया और उसने उन(फारूक अब्दुल्ला) पर रिवॉल्वर रखा और फायर कर… https://t.co/xItUolW1vK pic.twitter.com/9jEA6VBnK7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 11, 2026
बीजेपी नेता Ravinder Raina ने भी इस घटना को गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि जम्मू शहर में देर रात एक शादी समारोह के दौरान गोलीबारी की घटना सामने आई है, जिसमें फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और सुरक्षा एजेंसियां जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही हैं। प्रारंभिक तौर पर पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इसमें किसी आतंकी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं, फिर भी हर पहलू की जांच की जा रही है।
कांग्रेस ने की कड़ी निंदा
इस घटना की निंदा करते हुए जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष Tariq Hameed Karra ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसक घटनाएं बेहद परेशान करने वाली हैं और बढ़ते अपराध तथा अराजकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस हमले के पीछे की असली वजह और संभावित साजिश का खुलासा हो पाएगा।














