गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनज़र कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक चुनावी जनसभा में बड़ा राजनीतिक ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो स्वर्गीय जुबिन गर्ग से जुड़े मामले में 100 दिनों के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा के खिलाफ भी कार्रवाई का वादा किया।
जुबिन गर्ग केस पर 100 दिन में न्याय का वादा
कामरूप में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि असम की जनता जुबिन गर्ग को कभी नहीं भूलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के किसी भी बड़े नेता—न Narendra Modi, न Amit Shah और न ही मुख्यमंत्री हिमंत सरमा—ने उनकी समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि दी।
राहुल गांधी ने कहा, “असम की जनता इसका जवाब चुनाव में देगी। हमारी सरकार बनने पर जुबिन गर्ग को न्याय दिलाया जाएगा।”
बीजेपी और सीएम सरमा पर तीखा हमला
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें “देश के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विश्वनाथ जिले में एक अन्य रैली में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार समाज में नफरत और विभाजन की राजनीति कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा लोगों को जोड़ने की है, ठीक उसी तरह जैसे जुबिन गर्ग ने अपने जीवन में असम को एकजुट करने का काम किया।
कांग्रेस का वादा है- हम स्व. जुबिन गर्ग जी को 100 दिनों के अंदर न्याय दिलवाएंगे।
असम नहीं भूलेगा कि 👇
स्व. जुबिन गर्ग जी की समाधि पर श्रद्धांजलि देने के लिए BJP का कोई नेता नहीं पहुंचा- न नरेंद्र मोदी, न अमित शाह और न हिमंता।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 असम pic.twitter.com/1MK6PABNRc
— Congress (@INCIndia) April 5, 2026
‘नफरत फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई’
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो समाज में नफरत फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे बाद में माफी ही क्यों न मांग लें।
चुनावी माहौल गरम
इस बीच, नई दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री सरमा के परिवार से जुड़े कुछ गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि 7 अप्रैल को चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। ऐसे में सभी दलों ने अपने-अपने वादों और आरोप-प्रत्यारोप के साथ चुनावी माहौल को तेज कर दिया है।














