असम में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी के साथ गुवाहाटी में दो दिवसीय दौरे के दौरान चुनावी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
राजनीतिक दलों के साथ अहम बैठक
दौरे के पहले दिन आयोग ने राज्य के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक में दलों को अपने सुझाव, चिंताएं और अपेक्षाएं रखने का पूरा अवसर दिया गया।
अधिकांश राजनीतिक दलों ने चुनाव एक ही चरण में या अधिकतम दो चरणों में कराने की मांग की। साथ ही चुनाव कार्यक्रम तय करते समय असम के प्रमुख त्योहार बिहू को ध्यान में रखने का अनुरोध किया, ताकि मतदाताओं की भागीदारी प्रभावित न हो।
राजनीतिक दलों ने राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (Special Revision) की प्रक्रिया की सराहना भी की और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए कई रचनात्मक सुझाव दिए।
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ रणनीतिक चर्चा
राजनीतिक दलों के साथ बातचीत के बाद आयोग ने IGs, DIGs, DEOs और SSPs के साथ विस्तृत बैठक की। इसमें चुनाव योजना, ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, चुनावी कर्मचारियों के प्रशिक्षण, जब्ती की कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, मतदाता जागरूकता अभियान और आउटरीच कार्यक्रमों की बारीकी से समीक्षा की गई।
आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया संविधान, संबंधित कानूनों और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही संचालित की जानी चाहिए।
निष्पक्षता और त्वरित कार्रवाई पर जोर
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी निष्पक्षता के साथ कार्य करें और राजनीतिक दलों की शिकायतों का तुरंत समाधान सुनिश्चित करें।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि मतदान केंद्रों को “मतदाता-अनुकूल” बनाया जाए। मतदान केंद्रों को उत्सवपूर्ण, स्वागत योग्य और सुविधाजनक बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि मतदाताओं का अनुभव सुखद हो और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो सके।
फेक न्यूज पर सख्त निगरानी
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। सभी DEOs और SPs को आवश्यक होने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
असम में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग की सक्रियता से स्पष्ट है कि आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राजनीतिक दलों और प्रशासनिक तंत्र के साथ लगातार संवाद से यह संकेत मिलता है कि चुनाव प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और मतदाता-केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।














