पटना: बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात की। यह बैठक तेजस्वी यादव के पोलो रोड स्थित सरकारी आवास पर हुई, जिसमें राज्यसभा की एक सीट पर समर्थन को लेकर चर्चा की गई।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अख्तरुल ईमान ने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई है। उन्होंने बताया कि इस चर्चा की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को दी जाएगी और अंतिम फैसला उनके साथ विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
बातचीत रही सकारात्मक
अख्तरुल ईमान ने कहा कि उनकी और तेजस्वी यादव की बातचीत सकारात्मक रही है। उन्होंने कहा, “हमारी जो भी बातचीत हुई है, उसे हम अपने नेता तक पहुंचाएंगे। उसके बाद मीडिया को पूरी जानकारी दी जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि नामांकन से पहले AIMIM की ओर से अपना उम्मीदवार उतारने की बात कही गई थी, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
15 मार्च के इफ्तार के बाद साफ हो सकता है रुख
ईमान ने संकेत दिया कि 15 मार्च को आयोजित होने वाले इफ्तार के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने कहा कि उस दिन कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी और संभव है कि तब तक पार्टी अपने रुख को अंतिम रूप दे दे।
उन्होंने यह भी कहा कि जो राजनीतिक ताकतें दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के हितों की लड़ाई लड़ रही हैं, उन्हें मजबूत होना चाहिए।
आरजेडी ने भी जताई सकारात्मक उम्मीद
इस मुलाकात को लेकर शक्ति सिंह यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है और उम्मीद है कि यह पहल अच्छे नतीजे तक पहुंचेगी।
जीत के लिए AIMIM का समर्थन अहम
राज्यसभा की इस सीट के लिए महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह मैदान में हैं। वर्तमान संख्या बल को देखते हुए उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए AIMIM के पांच विधायकों का समर्थन अहम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव ने पहले अख्तरुल ईमान से मोबाइल फोन पर बातचीत कर उन्हें मुलाकात के लिए आमंत्रित किया था। इसके बाद ईमान उनके सरकारी आवास पर पहुंचे और दोनों नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
अब सबकी निगाहें AIMIM के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो पार्टी नेतृत्व से चर्चा के बाद सामने आ सकता है। यदि AIMIM समर्थन देती है, तो राज्यसभा की इस सीट पर महागठबंधन की स्थिति और मजबूत हो सकती है।














