केरल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। एक ओर कांग्रेस राज्य में अपना 10 साल का वनवास खत्म करने की रणनीति बना रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के वरिष्ठ नेता Mani Shankar Aiyar के बयान ने अंदरूनी हलचल तेज कर दी है। अय्यर ने दावा किया है कि Pinarayi Vijayan एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे।
अय्यर के बयान से बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें
मणिशंकर अय्यर के इस बयान के बाद कांग्रेस में मानो भूचाल आ गया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता Pawan Khera ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा कि अय्यर का पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने लिखा कि अय्यर पूरी तरह अपनी व्यक्तिगत हैसियत से बोलते और लिखते हैं, और उनके विचारों का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। इस बयान को कांग्रेस की ओर से आधिकारिक दूरी बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या बोले थे मणिशंकर अय्यर?
अय्यर ने कहा कि उन्हें “पूरा यकीन” है कि पिनराई विजयन फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि केरल देश का सबसे अच्छा पंचायती राज मॉडल विकसित कर सकता है, बशर्ते राज्य अपने अनुभवों के आधार पर कानूनों में आवश्यक बदलाव करे।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केरल, स्वर्गीय Rajiv Gandhi की पंचायती राज संबंधी सोच और उम्मीदों पर सबसे बेहतर तरीके से खरा उतर रहा है। उनके मुताबिक, पंचायती व्यवस्था के मामले में केरल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
कांग्रेस ने किया किनारा
अय्यर के बयान से उत्पन्न राजनीतिक असहजता के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने तुरंत स्पष्टीकरण दिया। पवन खेड़ा ने दोहराया कि अय्यर के विचार निजी हैं और पार्टी की आधिकारिक लाइन नहीं हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस केरल में सत्तारूढ़ Communist Party of India (Marxist) के नेतृत्व वाले गठबंधन को चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
10 साल का सूखा खत्म करने की तैयारी
केरल में पिछले दो कार्यकाल से वाम मोर्चा सत्ता में है और पिनराई विजयन लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हुए हैं। कांग्रेस फिलहाल राज्य में मुख्य विपक्षी दल है और आगामी चुनाव में सत्ता में वापसी के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारी तेज कर चुकी है।
पार्टी ने कई वरिष्ठ नेताओं को राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है और जमीनी स्तर पर रणनीति को धार देने की कोशिश जारी है। ऐसे में अय्यर का बयान विपक्षी रणनीति के बीच असहज स्थिति पैदा करता दिख रहा है।
चुनावी मुकाबला दिलचस्प
आने वाले महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर केरल में मुकाबला रोचक होता जा रहा है। एक ओर वामपंथी गठबंधन तीसरी बार सत्ता में लौटने का लक्ष्य साध रहा है, वहीं कांग्रेस अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए पूरा जोर लगा रही है।
मणिशंकर अय्यर के बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है और अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी मैदान में यह विवाद किस तरह असर डालता है।














