केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव में अभी भले ही कुछ समय बाकी हो, लेकिन सभी दलों ने अपनी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देते हुए राज्य के लिए कैंपेन कमेटी का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया है, जबकि सांसद शशि थरूर को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सत्ता में वापसी की तैयारी
करीब दस वर्षों से राज्य में विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस अब सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां उसके पक्ष में माहौल बना सकती हैं। यही कारण है कि संगठनात्मक स्तर पर तेजी से बदलाव और जिम्मेदारियों का बंटवारा किया जा रहा है।
शशि थरूर की भूमिका क्यों अहम?
कैंपेन कमेटी में शशि थरूर को शामिल किया जाना राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से पार्टी और थरूर के बीच मतभेदों की चर्चाएं सामने आ रही थीं। हालांकि हाल ही में कांग्रेस आलाकमान के साथ उनकी मुलाकात के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया। अब उन्हें चुनावी प्रचार में अहम भूमिका दिए जाने को संगठनात्मक एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कैंपेन कमेटी में ये चेहरे शामिल
कांग्रेस ने अपनी प्रचार समिति में कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया है। सांसद शफी परम्बिल को प्रचार अभियान समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति में हिबी ईडन, रोजी एम जॉन, सी आर महेश, मैथ्यू कुझालनदान, राम्या हरिदास, एम लिजू और दीप्ति मैरी वर्गीस को सदस्य बनाया गया है।
घोषणापत्र समिति की कमान सांसद बेनी बेहनन को सौंपी गई है, जबकि लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक के सुरेश को इसका सह-अध्यक्ष बनाया गया है।
अप्रैल–मई में हो सकते हैं चुनाव
राज्य में इस वर्ष अप्रैल–मई के दौरान चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में कांग्रेस अभी से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का फोकस वाम मोर्चे से सत्ता छीनकर एक बार फिर सरकार बनाने पर है।
चोट के बावजूद सक्रिय रहेंगे थरूर
इस बीच शशि थरूर इन दिनों पैर की मोच से जूझ रहे हैं। वे हाल ही में संसद की सीढ़ियों पर फिसल गए थे, जिसके बाद पिछले एक सप्ताह से व्हीलचेयर के सहारे संसद पहुंच रहे हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
कुल मिलाकर, केरल में कांग्रेस ने चुनावी बिगुल बजा दिया है। नेतृत्व के स्तर पर स्पष्ट रणनीति और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देकर पार्टी ने यह संकेत दे दिया है कि वह इस बार सत्ता में वापसी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।














