कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी हत्या की साजिश का आरोप लगाते हुए 14 फरवरी को बड़े पैमाने पर मार्च निकालने की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि वह बेरहामपुर टेक्सटाइल मोड़ से एसपी कार्यालय तक अपने समर्थकों के साथ मार्च करेंगे और प्रशासन से सीधे जवाब मांगेंगे।
हत्या की साजिश का आरोप, प्रशासन पर पक्षपात का दावा
हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है और उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले में जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में प्रशासन पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कर रहा है।
कबीर ने दावा किया कि उनकी बेटी की बिल्डिंग से जुड़े मामले में जमीन को फ्रीज करने के बजाय पूरी बिल्डिंग को ही फ्रीज कर दिया गया, जो प्रशासन की “गलत मंशा” को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
‘एक लाख लोगों को लाऊंगा’
कबीर ने कहा, “मैं कोई नोटिस नहीं दूंगा। मैं एक लाख लोगों को लेकर आऊंगा और 14 तारीख को कॉलर पकड़कर जवाब मांगूंगा।”
उन्होंने लालगोला के ओसी अतनु दास पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि जब तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करतीं, मुर्शिदाबाद जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।
बाबरी मस्जिद निर्माण से बढ़ा विवाद
बुधवार (11 फरवरी) को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण कार्य की शुरुआत भी चर्चा का केंद्र बनी रही। कबीर का कहना है कि मस्जिद निर्माण में लगभग दो साल का समय लगेगा। निर्माण सामग्री ले जा रहे ट्रकों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोके जाने से विवाद खड़ा हो गया। पुलिस का कहना है कि तनाव रोकने के लिए एहतियातन ट्रकों को रोका गया था।
गौरतलब है कि 6 दिसंबर को हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी। इसी मुद्दे पर उन्हें तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ का गठन किया।
बीजेपी और ममता सरकार पर हमला
हुमायूं कबीर लगातार ममता सरकार और बीजेपी दोनों पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने बीजेपी नेता अर्जुन सिंह पर भी तीखे शब्दों में हमला बोला।
चुनाव से पहले उनके तेवरों और 14 फरवरी के प्रस्तावित मार्च ने राज्य की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मार्च को कैसे संभालेगा और आने वाले दिनों में बंगाल की सियासत किस दिशा में जाएगी।














