नोएडा के सेक्टर-150 में हुई दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। इस हृदयविदारक हादसे के बाद माननीय सांसद गौतमबुद्ध नगर एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार डॉ. महेश शर्मा आज स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से विस्तारपूर्वक जानकारी ली और मामले की गंभीरता को समझा।
इसके पश्चात डॉ. महेश शर्मा मृतक युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता के निवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन इस दुख की घड़ी में वह स्वयं और सरकार पूरी मजबूती के साथ परिवार के साथ खड़े हैं।
डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा एस.आई.टी. (विशेष जांच टीम) के गठन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
आज नोएडा सेक्टर-150 में हुए दु:खद दुर्घटना में दिवंगत हुए युवराज मेहता जी के आवास पर जाकर उनके पूज्य पिताजी एवं शोकाकुल परिवारजनों से भेंट की। इस हृदयविदारक घटना से पूरा क्षेत्र मर्माहत है।
इस अपूरणीय क्षति की घड़ी में हम सभी पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। ईश्वर से प्रार्थना है… pic.twitter.com/FlBvVaLcni
— Dr. Mahesh Sharma (@dr_maheshsharma) January 20, 2026
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और न्याय दिलाने में कोई भी कमी नहीं छोड़ी जाएगी। डॉ. शर्मा ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनका दायित्व केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के सुख-दुख में परिवार के सदस्य की तरह साथ खड़े रहना भी उनकी प्राथमिकता है।
इस अवसर पर सोसाइटी के बड़ी संख्या में निवासी भी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में घटना पर दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। स्थानीय लोगों ने सांसद डॉ. महेश शर्मा के संवेदनशील और मानवीय व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि वह वास्तव में ऐसे जनप्रतिनिधि हैं जो अपनी जनता को परिवार की तरह मानते हैं और हर खुशी-गम में उनके साथ खड़े नजर आते हैं।
सेक्टर-150 की यह घटना भले ही दुखद हो, लेकिन इस कठिन समय में जनप्रतिनिधि और सरकार की सक्रियता ने पीड़ित परिवार को यह भरोसा जरूर दिलाया है कि उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।














