गाज़ीपुर। थाना गहमर क्षेत्र में 24 दिसंबर की रात हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त और एक अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
मुख्य अभियुक्त और अभियुक्ता पुलिस हिरासत में
प्रभारी निरीक्षक गहमर प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर रविवार को पूर्वी कैनाल मठिया घाट रोड के पास से मुख्य अभियुक्त अभिषेक सिंह (23) पुत्र पप्पू उर्फ अनिल सिंह तथा मुकदमे में प्रकाश में आई अभियुक्ता सीमा सिंह (42) पत्नी अरविंद सिंह को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी गहमर पट्टी खेलूराय के निवासी हैं।
24 दिसंबर की रात हुई थी हत्या
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपी 24 दिसंबर 2025 की रात हुई हत्या की घटना में संलिप्त पाए गए हैं। उनके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की विवेचना जारी है।
अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अभियुक्त अभिषेक सिंह पर पूर्व से मारपीट, धमकी समेत कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अभियुक्ता सीमा सिंह भी आईटी एक्ट सहित अन्य मामलों में पहले से नामजद रही है।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इस हत्याकांड से जुड़े एक अन्य आरोपी ओम सिंह पुत्र सुनील सिंह को पुलिस पहले ही लंगड़ा इनकाउंटर में गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बाद अब घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी गई है।
दोहरे हत्याकांड के बाद भी नहीं मिला लापता युवक का शव
गहमर गांव के पूरब पोखरा, पट्टी खेलूराय में बुधवार रात हुए दोहरे हत्याकांड के पांचवें दिन भी लापता युवक अंकित सिंह का शव बरामद नहीं हो सका है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।
तालाब में उतरी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें
रविवार सुबह एसडीआरएफ की एक टीम के साथ एनडीआरएफ की दो टीमें भी तालाब में उतरीं। एसडीएम सेवराई संजय यादव और सीओ जमानिया अनिल कुमार की निगरानी में देर शाम तक गहन खोजबीन की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
पुराना विवाद बना खूनी संघर्ष की वजह
बताया जा रहा है कि गहमर गांव की पट्टी खेमनराय, बाबूराय और भीवराय के युवकों का बीते कुछ महीनों से पट्टी खेलूराय के युवकों से विवाद चल रहा था। कई बार दोनों पक्ष आमने-सामने आए और एक-दूसरे पर मुकदमे भी दर्ज कराए गए। राजनीतिक हस्तक्षेप और पुलिस की कथित लापरवाही के चलते यह विवाद अंततः खूनी संघर्ष में बदल गया।
गांव में सन्नाटा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दोहरे हत्याकांड के बाद पट्टी खेलूराय की गलियां सन्नाटे में डूबी हैं। वहीं पट्टी खेमनराय, बाबूराय और भीवराय में भी खामोशी पसरी हुई है। मृतकों के घरों से रह-रहकर सिसकियों की आवाजें आ रही हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है और पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
पुलिस का बयान
सीओ अनिल कुमार ने कहा कि जब तक लापता युवक का शव बरामद नहीं हो जाता, तब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।














