केंद्र सरकार ने विमानन क्षेत्र में विस्तार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने के उद्देश्य से तीन नई एयरलाइंस — शंख एयर, एआई हिन्द एयर (Al Hind Air) और फ्लाईक्सप्रेस — को जल्द ही परिचालन आरंभ करने के संकेत दिए हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि गत एक सप्ताह में इन एयरलाइंस की टीमों से विस्तृत बातचीत हुई और सरकार नए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दे रही है। उल्लेखनीय है कि शंख एयर को पहले ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रदान किया जा चुका है।
मंत्री नायडू ने कहा कि सरकार का फोकस विशेषकर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर है ताकि छोटे शहर और ग्रामीण क्षेत्र बड़े शहरों से बेहतर तरीके से जुड़े सकें। नई एयरलाइंस के प्रवेश से घरेलू हवाई मार्गों पर प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है, जिससे टिकट दरों में कमी, उड़ान विकल्पों में वृद्धि और सेवा स्तर में सुधार जैसे सीधे लाभ आम यात्री तक पहुँचेंगे।
एआई हिन्द एयर और फ्लाईक्सप्रेस: दक्षिण व मध्य भारत पर खास ध्यान
केरल के कोझिकोड स्थित एआई हिन्द ग्रुप द्वारा लॉन्च हो रही एआई हिन्द एयर का मुख्य हब कोच्चि (कोच्चीनगर) होगा। इसकी रणनीति केरल के अंदरूनी एवं लंबे समय से कम जुड़े रहे इलाकों को बेंगलुरु और चेन्नई जैसे पड़ोसी महानगरों से जोड़ने पर केंद्रित है। वहीं फ्लाईक्सप्रेस भी अपनी परिचालन तैयारियों के अंतिम दौर में है और दक्षिण तथा मध्य भारत के रूट नेटवर्क पर वजन दे सकती है।
Over the last one week, pleased to have met teams from new airlines aspiring to take wings in Indian skies—Shankh Air, Al Hind Air and FlyExpress.
While Shankh Air has already got the NOC from Ministry, Al Hind Air and FlyExpress have received their NOCs in this week.
It has… pic.twitter.com/oLWXqBfSFU
— Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@RamMNK) December 23, 2025
क्या बदलेगा यात्रियों के लिए?
नए ऑपरेटरों के आने से मूल्य-प्रतिस्पर्धा तेज होगी, जिससे एयरफेयर में सस्ती विकल्पों की संभावना बढ़ेगी। क्षेत्रीय उड़ानों के बढ़ने से दूरदराज इलाकों की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक एयरलाइंस के माध्यम से विमानन बाजार को लचीला और व्यापक बनाया जाए ताकि यात्रियों को बेहतर नेटवर्क और सेवाएँ मिल सकें।
केंद्र ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व के सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले विमानन बाजारों में से एक बन चुका है, और अब नीति-सहयोग तथा नियामकीय प्रक्रिया के जरिए इस विकास को और गति दी जा रही है।














