देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर होता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों के लिए खुली हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में विज़िबिलिटी बेहद कम दर्ज की जा रही है, जबकि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 437 तक पहुंचने के बाद GRAP-IV लागू कर दिया गया है।
प्रदूषण के बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों को लेकर कई देशों के दूतावासों ने एडवाइजरी जारी की है। यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और सिंगापुर ने अपने नागरिकों को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में घर के अंदर रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
उड़ानों पर असर, स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट
प्रदूषण और घनी धुंध के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दूतावासों की चेतावनी
दिल्ली-एनसीआर में रह रहे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिंगापुर हाई कमीशन ने अपने नागरिकों से घर के अंदर रहने और बाहर निकलते समय मास्क पहनने की अपील की है। दूतावासों ने कहा है कि गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद जैसे आसपास के इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।
कनाडा की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि दिल्ली जैसे शहरी क्षेत्रों में धुआं और वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक हो सकता है। वहीं गर्भवती महिलाओं और सांस या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को यात्रा से पहले डॉक्टर की सलाह लेने की सिफारिश की गई है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास निर्देश
सोमवार को दिल्ली घनी धुंध की चादर में लिपटी रही और AQI 498 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कक्षा पांचवीं तक के छात्रों के लिए स्कूलों को हाइब्रिड से पूरी तरह ऑनलाइन मोड में संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।














