अयोध्या: आज ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य राम मंदिर में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर RSS प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देशभर से आए संत, विशिष्ट अतिथि तथा हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरा अयोध्या शहर फूलों की सजावट, रोशनी और उत्सव के रंग में डूबा रहा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 500 वर्षों में साम्राज्य बदले, पीढ़ियां बदलीं, लेकिन अडिग रही तो सिर्फ़ राम भक्तों की आस्था। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को नेतृत्व मिला, तो एक ही ध्येय था—
“राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे; लाठी गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।”
योगी ने कहा कि राम मंदिर पर ध्वजारोहण केवल एक यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं, बल्कि नए युग की शुरुआत है। उन्होंने स्वर्गीय अशोक सिंघल, संत परमहंस चंद्रदास और डालमिया जी को स्मरण करते हुए कहा कि आज उन सभी की आत्मा को शांति मिली होगी, क्योंकि मंदिर की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
“राम राज्य का वह ध्वज, जो कभी अयोध्या की पहचान था और दुनिया को आलोकित करता था, आज पुनः अपनी ऊँचाइयों को छू रहा है,” उन्होंने कहा।
#WATCH | Ayodhya Dhwajarohan | UP CM Yogi Adityanath says, "… Empires and generations changed in the last 500 years. The only thing that did not change was faith… When RSS got the leadership, there was only one slogan prevalent, 'Ram Lalla hum aayenge. Mandir Wahin banayenge.… pic.twitter.com/gw61DoeKAK
— ANI (@ANI) November 25, 2025
“भगवा झंडा—अखंडता, सच्चाई, न्याय और राष्ट्र धर्म का प्रतीक”
सीएम योगी ने कहा कि यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने बलिदान देने वाले सभी ‘कर्मयोगियों’ को नमन करते हुए कहा कि यह झंडा धर्म की अमर ज्योति और राम राज्य के शाश्वत सिद्धांतों का प्रमाण है।
उन्होंने कहा, “2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी बने, तब करोड़ों भारतीयों के दिलों में जो आस्था जगी थी, वह आज इस भव्य राम मंदिर के रूप में साकार हुई है।”
“अयोध्या अब उत्सवों की वैश्विक राजधानी”
सीएम योगी ने कहा कि एक समय अयोध्या संघर्ष और अराजकता का प्रतीक बन चुकी थी, लेकिन आज पीएम मोदी के नेतृत्व में अयोध्या वैश्विक धार्मिक-पर्यटन और सांस्कृतिक उत्सवों का केंद्र बन गई है। उन्होंने बताया कि धर्मपथ, रामपथ, भक्ति पथ, पंचकोसी, चौदह कोसी और चौरासी कोसी परिक्रमा मार्गों ने शहर की पहचान को नया आयाम दिया है।

“अयोध्या ने आस्था और आधुनिकता, आस्था और अर्थव्यवस्था—दोनों का संतुलित रूप नया भारत को दिया है,” उन्होंने कहा।
“संकल्प का कोई विकल्प नहीं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने परिवर्तन की एक नई यात्रा देखी है। नए भारत में विकास और विरासत का समन्वय देश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 50 करोड़ गरीबों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, हर जरूरतमंद को आवास और बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ पहुंचाना—यह वही रामराज्य की घोषणा है, जिसका आधार विकसित भारत है।














