केंद्र सरकार ने गुरुवार को देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए नए राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्ति की है। इस बदलाव के तहत दिल्ली, लद्दाख, बिहार, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस निर्णय को केंद्र सरकार की प्रशासनिक रणनीति और राज्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सबसे अहम बदलाव राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुआ है, जहां अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू को नया उपराज्यपाल (LG) नियुक्त किया गया है। वहीं, वर्तमान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है। संधू को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का लंबा अनुभव है और उन्होंने अमेरिका तथा श्रीलंका जैसे महत्वपूर्ण देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव से केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच बेहतर प्रशासनिक समन्वय स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
बिहार में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। भारतीय सेना में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले जनरल हसनैन को रणनीतिक मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। उन्होंने कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में काम किया है और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसके अलावा, नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल बनाया गया है। बिहार की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे नंद किशोर यादव कई बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं। सड़क निर्माण जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभालने का उन्हें व्यापक अनुभव है।
तेलंगाना में भी बदलाव किया गया है, जहां हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे शिव प्रताप शुक्ला को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री भी रह चुके हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है। माना जा रहा है कि तेजी से विकास कर रहे तेलंगाना में उनकी नियुक्ति प्रशासनिक और संवैधानिक संतुलन बनाए रखने में मददगार होगी।
वहीं, तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है। जिष्णु देव वर्मा त्रिपुरा के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं और पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी के संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है।
पश्चिम बंगाल में भी नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। तमिलनाडु के राज्यपाल रहे आरएन रवि को अब पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व आईपीएस अधिकारी आरएन रवि का करियर उग्रवाद विरोधी अभियानों और पूर्वोत्तर में शांति वार्ताओं के लिए जाना जाता है। बंगाल में केंद्र और राज्य सरकार के बीच अक्सर होने वाले टकराव के मद्देनजर उनका कार्यकाल काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तमिलनाडु के नए राज्यपाल के रूप में राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह केरल के राज्यपाल थे और गोवा विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें संसदीय प्रक्रियाओं का गहरा ज्ञान रखने वाला अनुभवी राजनीतिज्ञ माना जाता है।
इसके अलावा, लद्दाख के उपराज्यपाल रहे कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल बनाया गया है। कविंदर गुप्ता जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और उनके पास प्रशासनिक व राजनीतिक अनुभव का लंबा रिकॉर्ड है।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार द्वारा किया गया यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित करेगा। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों के जरिए सरकार विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता, विकास परियोजनाओं की निगरानी और केंद्र-राज्य संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।














