Monday, March 23, 2026
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बंगाल चुनाव में हिंसा रोकने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा: 700 CAPF कंपनियां तैनात, ड्रोन-रोबोट से होगी निगरानी

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए Election Commission of India (भारत निर्वाचन आयोग) ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाई है। आयोग ने फैसला किया है कि मतदान और मतगणना के बाद भी राज्य में लगभग 700 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की कंपनियां तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था की समस्या को रोका जा सके।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 500 कंपनियां

चुनाव आयोग के अनुसार, इन 700 कंपनियों में से लगभग 500 कंपनियां केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहेंगी। इनमें Central Reserve Police Force (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की 200, Border Security Force (सीमा सुरक्षा बल) की 150, Central Industrial Security Force (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) की 50, Indo-Tibetan Border Police (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) की 50 और Sashastra Seema Bal (सशस्त्र सीमा बल) की 50 कंपनियां शामिल हैं।

इसके अलावा लगभग 200 कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगी। आयोग को आशंका है कि मतदान के बाद भी कुछ क्षेत्रों में तनाव या हिंसा की स्थिति बन सकती है, इसलिए यह अतिरिक्त तैयारी की गई है।

ड्रोन और रोबोट से निगरानी

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी Manoj Agarwal (मनोज अग्रवाल) ने बताया कि सुरक्षा बल आधुनिक तकनीक की मदद से निगरानी करेंगे। चुनाव के दौरान करीब दो लाख वेबकैम लगाए जाएंगे, जबकि केंद्रीय बल बॉडी कैमरा और 360 डिग्री घूमने वाले कैमरों का उपयोग करेंगे।

इसके अलावा ड्रोन के जरिए संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जाएगी और रोबोटिक डॉग नियंत्रण कक्ष को लाइव तस्वीरें भेजेंगे, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

2021 की हिंसा से लिया सबक

चुनाव आयोग की इस कड़ी तैयारी के पीछे 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई व्यापक हिंसा को मुख्य कारण माना जा रहा है। उस समय 1300 से अधिक हिंसा के मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से अधिकांश घटनाएं 2 से 5 मई के बीच हुई थीं। इसी दौरान Mamata Banerjee (ममता बनर्जी) ने 5 मई 2021 को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

संवेदनशील इलाकों की पहचान

हिंसा की घटनाओं के बाद Calcutta High Court (कलकत्ता उच्च न्यायालय) ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था, जिसकी निगरानी पूर्व मुख्य न्यायाधीश Manjula Chellur (मंजुला चेल्लूर) ने की थी।

अब चुनाव आयोग संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की योजना बना रहा है।

लगातार बढ़ाई जा रही है सुरक्षा

अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल लगभग 480 कंपनियां पहले से ही पश्चिम बंगाल में मौजूद हैं। 31 मार्च तक 300 और कंपनियां तैनात की जाएंगी, जबकि 10 अप्रैल तक 600 अतिरिक्त कंपनियां पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की राज्य सशस्त्र पुलिस से भी लगभग 300 कंपनियां बंगाल भेजी जाएंगी।

इन सभी इंतजामों के साथ चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि पूरे राज्य में मतदान से लेकर मतगणना तक चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।

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VIKAS TRIPATHI
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