
महाराष्ट्र के पुणे में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आईटी कंपनी व्योम ग्राफिक्स के कर्मचारियों को लेकर जा रही मिनी बस में लगी आग कोई हादसा नहीं, बल्कि ड्राइवर की सोची-समझी साजिश थी। दिवाली बोनस कटने और वेतन में कटौती से गुस्साए ड्राइवर ने चलती बस में आग लगा दी, जिससे चार इंजीनियरों की दर्दनाक मौत हो गई और छह कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर जनार्दन हंबार्डिकर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
तनख्वाह में कटौती से बौखलाया ड्राइवर, खौफनाक बदले की रची साजिश!
👉 घटना पुणे के हिंजेवाड़ी इलाके में हुई, जहां आईटी कंपनी व्योम ग्राफिक्स के 12 कर्मचारी मिनी बस से अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे।
👉 ड्राइवर जनार्दन हंबार्डिकर दिवाली बोनस में कटौती और वेतन कम होने से गहरे आक्रोश में था।
👉 उसने एक दिन पहले ही बेंजीन नामक ज्वलनशील केमिकल खरीदा, जिसे ड्राइवर सीट के नीचे छिपाकर रखा था।
👉 जैसे ही बस हिंजेवाड़ी पहुंची, आरोपी ने माचिस से आग लगा दी, जिससे पूरी बस चंद मिनटों में जलकर खाक हो गई।
आग की लपटों में जिंदा जले 4 इंजीनियर, 6 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल!
आग लगते ही ड्राइवर और आगे बैठे कुछ लोग बस से कूदकर भाग निकले, लेकिन पीछे बैठे कर्मचारी फंस गए।
🔴 बस का पिछला दरवाजा बंद था, जिससे कोई बाहर नहीं निकल सका।
🔴 भीषण आग में चार इंजीनियर जिंदा जल गए, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई—
- सुभाष भोसले (42 वर्ष)
- शंकर शिंदे (60 वर्ष)
- गुरुदास लोकरे (40 वर्ष)
- राजू चव्हाण (40 वर्ष)
🔴 छह अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे रची गई यह खौफनाक साजिश? पुलिस ने किया बड़ा खुलासा!
पुलिस उपायुक्त विशाल गायकवाड़ के अनुसार, CCTV फुटेज और तकनीकी जांच में स्पष्ट हुआ कि यह महज एक हादसा नहीं, बल्कि ड्राइवर की साजिश थी।
🚨 आरोपी जनार्दन हंबार्डिकर ने पहले ही प्लास्टिक बनाने में इस्तेमाल होने वाला बेंजीन खरीदा।
🚨 घटना के दिन बस में घुसते ही उसने कपड़ों के टुकड़ों से आग जलाई, जिससे केमिकल की वजह से कुछ ही सेकंड में लपटें पूरी बस में फैल गईं।
🚨 ड्राइवर ने आग लगाते ही खुद बाहर छलांग लगा दी, जबकि पीछे बैठे कर्मचारी अंदर ही फंसकर तड़पते रहे।
आईटी सेक्टर में सुरक्षा पर सवाल, कर्मचारियों में दहशत!
इस घटना ने पुणे के आईटी सेक्टर में सनसनी मचा दी है।
⚠️ कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
⚠️ क्या कंपनियां अपने कर्मचारियों को सुरक्षित लाने-ले जाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं?
⚠️ क्या ड्राइवरों की मनोस्थिति पर ध्यान देने की जरूरत नहीं?
पुलिस ने आरोपी को दबोचा, कबूला गुनाह!
🛑 पुलिस ने आरोपी ड्राइवर जनार्दन हंबार्डिकर को गिरफ्तार कर लिया है।
🛑 पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल लिया है।
🛑 अब आगे की जांच जारी है, ताकि पता लगाया जा सके कि इस वारदात में किसी और की मिलीभगत थी या नहीं।
क्या सैलरी कटौती का बदला इतने खौफनाक तरीके से लिया जा सकता है?
👉 ड्राइवर का यह कदम न सिर्फ उसकी मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि कंपनियों के भीतर चल रही गहरी समस्याओं की ओर भी इशारा करता है।
👉 इस घटना ने एक बार फिर कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔴 क्या कंपनियों को अपने कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत नहीं?
🔴 क्या ड्राइवरों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर ध्यान देना जरूरी हो गया है?
🔴 क्या इस तरह के हादसे भविष्य में भी हो सकते हैं?
इस खौफनाक घटना ने पूरे पुणे को झकझोर कर रख दिया है!

VIKAS TRIPATHI
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