मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने कहा है कि मुंबई का “इस्लामीकरण” किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुंबई का “मोमेडाइज़ेशन” होने नहीं दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित हमलों पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी को मुंबई में खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दरअसल, पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों को लेकर देशभर में आक्रोश देखा जा रहा है। कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। इसी बीच बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के IPL में खेलने को लेकर विवाद तेज हो गया है।
‘राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं’
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित साटम ने कहा कि जिस तरह से बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार किए जा रहे हैं और देश भारत विरोधी रुख अपना रहा है, उसे देखते हुए बांग्लादेश के किसी भी खिलाड़ी को IPL में खेलने नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रवाद का सवाल है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
साटम ने दावा किया कि इसी वजह से BCCI ने भी इस संबंध में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि चाहे खिलाड़ी किसी भी टीम से जुड़ा हो, यहां तक कि शाहरुख खान की टीम में ही क्यों न हो, बांग्लादेशी खिलाड़ियों को IPL की किसी भी टीम में खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
‘मुंबई का रंग बदलने की कोशिश’
इसके अलावा अमित साटम ने न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी के बयान पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय शहरों में जिस तरह से कट्टरपंथी ताकतों ने अपनी पकड़ मजबूत कर वहां की पहचान बदलने की कोशिश की है, उसी तरह मुंबई का रंग बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे एक अंतरराष्ट्रीय साजिश करार दिया।
उन्होंने कहा कि जेल में बंद उमर खालिद के समर्थन में दिए गए ज़ोहरान ममदानी के बयान का वे कड़ा विरोध करते हैं। साटम ने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी नेता को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
‘मुंबईकर सजग हैं, साजिश सफल नहीं होगी’
अमित साटम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, AIMIM और UBT जैसी पार्टियां देश विरोधी ताकतों को बढ़ावा दे रही हैं और वोट बैंक की राजनीति के तहत मुंबई की पहचान बदलने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मुंबईकर पूरी तरह सजग हैं और ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने दोहराया कि मुंबई का “मोमेडाइज़ेशन” नहीं होने दिया जाएगा और शहर की पहचान, संस्कृति और राष्ट्रवादी मूल्यों की हर हाल में रक्षा की जाएगी।














