उत्तर प्रदेश की सियासत और पुलिस सिस्टम में अक्सर तूफ़ान खड़ा करने वाले पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को मंगलवार देर रात शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर जिस अंदाज़ में पकड़ा गया, उसने पूरे प्रदेश को दहला कर रख दिया। आधी रात को चलती ट्रेन में जिस तरह लखनऊ पुलिस ने धावा बोला, उसने इस पूरे मामले को किसी बॉलीवुड थ्रिलर जैसा रंग दे दिया।
लखनऊ से दिल्ली जा रही ट्रेन में गहरी नींद में सो रहे अमिताभ को अचानक कोच में घुसी पुलिस टीम ने झकझोर कर जगाया और कुछ ही सेकंड के अंदर उन्हें ट्रेन से नीचे उतारकर चारों ओर से सुरक्षा घेरे में ले लिया। रात के अंधेरे में हुआ यह हाई-ड्रामा देखकर स्टेशन पर मौजूद लोग दंग रह गए।
गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद पुलिस का काफ़िला पूर्व आईपीएस को कड़े सुरक्षा पहरे में लेकर देवरिया पहुंचा। यहां सदर कोतवाली में करीब एक घंटे तक चली तीखी, बेरहम और बिंदुवार पूछताछ ने पूरे मामले की रहस्यमयी परतें और मोटी कर दीं। पूछताछ खत्म होने के बाद पुलिस अमिताभ को इतनी खामोशी से दूसरी लोकेशन पर ले गई कि देवरिया की हवा तक को भनक न लगने पाई।
स्थानीय प्रशासन इस हाई-वोल्टेज एक्शन पर ऐसी चुप्पी साधे बैठा है, जैसे किसी बहुत बड़े धमाके से पहले की डरावनी खामोशी हो।
दो दशक पुरानी जमीन डील—आज की ‘कानूनी आग’
जिस केस ने पूर्व आईपीएस को घेरे में लिया है, उसकी जड़ें लगभग 25 साल पुराने देवरिया में छिपी हैं। 1999 में एसपी रहने के दौरान उनके परिवार के नाम हुए एक प्लॉट ने आज उत्तर प्रदेश का माहौल गर्मा दिया है।
आरोपों के मुताबिक उस समय औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट आवंटन के लिए पद का दुरुपयोग, कागजी खेल, और फर्जी नाम-पता इस्तेमाल किए गए। सबसे सनसनीखेज दावा यह कि—
@lkopolice लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का बड़ा एक्शन @Uppolice
लखनऊ पुलिस ने पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को देवरिया औद्योगिक प्लॉट घोटाले में गिरफ्तार किया।
DCP वेस्ट लखनऊ @DCPWEST1 विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया—SIT जांच के बाद ट्रांजिट रिमांड पर कोर्ट में पेशी होगी।#UPPolice #Lucknow pic.twitter.com/vXNxDl2o1w
— PARDAPHAAS NEWS (@pardaphaas) December 10, 2025
पत्नी नूतन ठाकुर का नाम कागजों में ‘नूतन देवी’ लिखा गया
पति के नाम की जगह ‘अभिजात ठाकुर/अभिताप ठाकुर’
पता: उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि सीतामढ़ी (बिहार)
और जब प्लॉट बेचा गया, तो अचानक सही नाम और सही पते के दस्तावेज सामने आ गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक सरकार, बैंक और विभागों को गुमराह कर सिस्टम को पूरी तरह अंधेरे में रखा गया।
सितंबर में लखनऊ के तालकटोरा थाने में दी गई तहरीर के बाद यह पुरानी फाइल अचानक गर्म कोयले की तरह सियासत को झुलसाने लगी।
रात 1:15 बजे का ‘रेड अलर्ट’—चलती ट्रेन पर छापा
मंगलवार की रात जैसे ही ट्रेन शाहजहांपुर के बाहर पहुँची, लखनऊ पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर ट्रेन पर धावा बोलने का गुप्त ऑपरेशन शुरू किया।
कोच में घुसते ही पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को जगाया
कुछ मिनटों में पूरी बोगी पुलिस से भर गई
और फिर उन्हें ट्रेन से उतारकर सीधे हिरासत में ले लिया गया
पूरे ऑपरेशन में इतनी तेजी और गोपनीयता थी कि देखने वाले दंग रह गए—यह किसी फिल्म के क्लाइमेक्स से कम नहीं था।














