गिरिडीह (झारखंड):गिरिडीह पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता दर्ज की है। शनिवार, 7 फरवरी को जमीनी छापे में गुप्त सूचना के आधार पर पारसनाथ पहाड़ी के पास नक्सलियों द्वारा जमीन में छिपाकर रखे गए भारी मात्रा के हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार बरामद सामान की पहली जांच से यह आशंका जताई जा रही है कि इनमें कुछ राइफलें 2008 में लूटे गए हथियारों से संबंधित हो सकती हैं — जिसकी आगे जाँच जारी है।
जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार, एएसपी सुरजीत कुमार, सीआरपीएफ कमांडेंट कुमार ओमप्रकाश सिंह और डीएसपी कोसर अली ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद तिहाड़ स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया और बीडीडीएस टीम की सहायता से गड्डे में छिपाए गए सामान को निकाला गया।
बरामद वस्तुओं का ब्योरा (अधिकारियों के बयान के अनुसार)
303 बोल्ट-एक्शन सिंगल-शॉट राइफल: 11 पीस
22 राइफल: 9 पीस
ग्रेनेड: 6 पीस
SLR ग्रेनेड प्रोजेक्टर: 1 पीस
AMN बॉक्स: 1 पीस
चार्ज क्लिप: 30 पीस
इलेक्ट्रिक कॉपर वायर: 2 बंडल
अधिकारियों ने बताया कि ये सभी सामग्री लगभग 15 फुट गहरे गड्ढे में छिपा कर रखी गई थी।
कार्रवाई का संदर्भ और जांच
पुलिस ने कहा कि इलाके में हार्डकोर नक्सलियों के मूवमेंट और नए सिरे से क्षेत्र में दबदबा बनाने के प्रयासों की सूचना मिली थी, जिस पर यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया। शुरुआती जांच में बरामद राइफलों के गिरिडीह के होम गार्ड कैंप से लूटे जाने का संदिग्ध संबंध दिख रहा है; वर्ष 2008 में पचंबा थाना क्षेत्र के होम गार्ड कैंप पर नक्सलियों ने हमला कर 134 राइफलें लूट ली थीं। इस वजह से अधिकारियों को आशंका है कि हाल में मिले राइफलें उन्हीं लुटे हुए हथियारों का हिस्सा हो सकती हैं — परन्तु इसकी पुष्टि के लिए फॉरेंसिक व रिकॉर्ड-मैचिंग जांच जारी है।
अधिकारियों के बयानों का सार
एसपी डॉ. विमल कुमार ने कहा, “गुप्त सूचना और संयुक्त कार्रवाई के चलते यह बड़ी बरामदगी हुई है। हम सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे की जांच कर रहे हैं और संदिग्धों की पहचान व संबंधित कड़ियों को ट्रेस किया जाएगा।”
सीआरपीएफ कमांडेंट कुमार ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि ऐसे हथियार और विस्फोटक मिलने से इलाके में संभावित गंभीर साजिश रुक गई है और आगे भी नक्सली नेटवर्क को बेअसर करने के लिए संयुक्त अभियान जारी रहेगा।
यह बरामदगी गृह मंत्रालय द्वारा नक्सल समस्या पर छूट/नीति लागू होने के बाद करीब चार साल में मिली सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद सभी सामग्रियों को सुरक्षित कर फ़ॉरेंसिक जांच व रिकॉर्ड मिलान के लिए भेज दिया है और आगे की गिरफ़्तारी व पड़ताल जारी है।














