बिहार के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को नई दिशा देने वाला “लेट्स इंस्पायर बिहार” अभियान अपने पांचवें स्थापना दिवस पर एक बड़े जन-आंदोलन के रूप में उभरकर सामने आया। 22 मार्च 2021 को शुरू हुआ यह अभियान आज शिक्षा, उद्यमिता और समानता के सिद्धांतों पर आधारित एक व्यापक पहल बन चुका है, जो “विकसित भारत @ 2047” के लक्ष्य के साथ विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
पटना स्थित बापू सभागार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में लगभग 5,000 लोगों की सहभागिता देखने को मिली। सभागार पूरी तरह भरा हुआ था, जो इस अभियान के प्रति लोगों के बढ़ते जुड़ाव और विश्वास को दर्शाता है। यह आयोजन “बिहार सांस्कृतिक पुनर्जागरण महासभा” की थीम के अंतर्गत हुआ, जिसने एक नए बिहार के निर्माण की सामूहिक भावना को मजबूत किया।
बढ़ता प्रभाव और बड़ा लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Vikas Vaibhav ने कहा कि यह भीड़ सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि एक विचार और परिवर्तन की ताकत है। उन्होंने बताया कि जहां चौथी वर्षगांठ तक इस अभियान से लगभग 1.85 लाख लोग जुड़े थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 3.55 लाख से अधिक हो गई है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से अगले एक वर्ष में 10 लाख से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया, जिसे सभा में मौजूद हजारों लोगों ने खड़े होकर स्वीकार किया।
बिहार की गौरवशाली विरासत का आह्वान
विकास वैभव ने बिहार की ऐतिहासिक पहचान को याद दिलाते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब बिहार पूरे विश्व को ज्ञान का मार्ग दिखाता था। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसे प्राचीन शिक्षण केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज और हार्वर्ड जैसे संस्थानों से बहुत पहले बिहार शिक्षा का वैश्विक केंद्र था।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार का विकास ही भारत के समग्र विकास की कुंजी है और अब समय आ गया है कि बिहार फिर से नेतृत्व की भूमिका निभाए।
‘बिहार @ 2047’ का विजन
उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित “बिहार @ 2047 विजन कॉन्क्लेव” के दौरान जारी विजन डॉक्यूमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि यह बिहार के दीर्घकालिक विकास का एक ठोस रोडमैप है। उन्होंने लोगों से इस दस्तावेज को पढ़ने और इसके क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
सभा में मौजूद हजारों लोगों ने एकजुट होकर बिहार को सांस्कृतिक पुनर्जागरण के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्टार्टअप हब बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट हस्तियों की मौजूदगी
इस भव्य आयोजन में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि के रूप में परमहंस स्वामी अगमानंद महाराज,शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन अनुप नारायण सिंह, डॉ. शबनम अखौरी और श्वेता सुरभी ने प्रभावशाली ढंग से किया।
इसके अलावा कई सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग इस आयोजन में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।
जन-आंदोलन की ओर बढ़ता बिहार
“लेट्स इंस्पायर बिहार” अब एक साधारण अभियान नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। यह पहल न केवल लोगों को जोड़ रही है, बल्कि उन्हें राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित भी कर रही है।
बिहार के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आधुनिक विकास के इस संगम ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले वर्षों में राज्य एक नई पहचान के साथ उभर सकता है।














