तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज केरल के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निर्वाचित पंचायत, नगर पालिका और निगम सदस्यों से 7-लोक कल्याण मार्ग में मुलाकात की। बैठक में तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन के प्रतिनिधि भी शामिल रहे — वह वही क्षेत्र है जहाँ भाजपा को हालिया स्थानीय चुनावों में ऐतिहासिक सफलता मिली। प्रधानमंत्री ने संगठन के 115 सदस्यीय सिविक प्रतिनिधि डेलीगेशन का स्वागत करते हुए स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़ने और सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन पर व्यापक चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि केरल अब पारंपरिक एलडीएफ और यूडीएफ से तंग आ चुका है और राज्य की उम्मीदें अब बीजेपी-एनडीए की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस वक्त सरकार का फोकस लोगों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने — यानी ‘ईज ऑफ लिविंग’ — और ‘गुड गवर्नेंस’ एजेंडे को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर होना चाहिए।
बैठक में मुख्य विषयों के रूप में स्थानीय प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच जनता से जुड़ाव के नए तरीके, केंद्रीय विज़न और स्थानीय एग्ज़िक्यूशन के बीच मौजूद गैप को कम करना, तथा सार्वजनिक समस्याओं के त्वरित और टिकाऊ समाधान को लेकर रणनीतियाँ शामिल थीं। पीएम मोदी ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि जमीनी स्तर पर जाकर लोगों की चुनौतियों को पहचानेंगे और उनका समाधान करेंगे — और इसी कारण संगठन के हर कार्यकर्ता के निरंतर योगदान को याद किया गया।
ബിജെപി ചരിത്രപരമായ വിജയം നേടിയ ബിജെപി ചരിത്രപരമായ വിജയം നേടിയ തിരുവനന്തപുരം കോർപ്പറേഷനിലേതുൾപ്പെടെ കേരളത്തിലുടനീളമുള്ള ബിജെപി പഞ്ചായത്തംഗങ്ങൾ, മുനിസിപ്പാലിറ്റി അംഗങ്ങൾ, കോർപ്പറേഷൻ അംഗങ്ങൾ എന്നിവർക്കു, 7 ലോക് കല്യാൺ മാർഗ് വസതിയിൽ ആതിഥ്യമരുളി.
ബിജെപിയും ജനങ്ങളും തമ്മിലുള്ള ബന്ധം… pic.twitter.com/J6i0Tr7rTy
— Narendra Modi (@narendramodi) February 12, 2026
कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों की निःस्वार्थ कोशिशों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों की वजह से ही पार्टी पूरे राज्य में आगे बढ़ रही है। बैठक में केरल के विकास के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया गया — जिसे पार्टी ने सोशल मीडिया व घोषणाओं में #VikasitaKeralam के रूप में रेखांकित किया है।
केरल भाजपा ने बताया कि डेलीगेशन में शामिल प्रतिनिधियों ने सेंट्रल विज़न और स्थानीय निष्पादन के तालमेल पर ‘ज़बरदस्त चर्चा’ की, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे। पार्टी ने उम्मीद जताई कि इस बैठक के बाद स्थानीय स्तर पर नीतियों के लागू होने की रफ्तार तेज होगी और नागरिक समस्याओं के स्थायी समाधान मिलेंगे।
राजनीतिक मायने — विश्लेषकों के अनुसार यह मुलाकात भाजपा की स्थानीय-स्तर की तैयारियों और केरल में अपनी पैठ बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा मानी जाएगी। पार्टी का लक्ष्य केवल चुनावी सफलता न होकर स्थानीय शासन में ठोस परिवर्तन लाना भी है — और प्रधानमंत्री की इस बैठक को उसी रणनीति के मकसद से जोड़कर देखा जा रहा है।














