
गाजीपुर – जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड दर्पण पर विकास कार्यों की समीक्षा बैठक विकास भवन सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं और मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
फैमिली पहचान पत्र अभियान चलाने के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फैमिली पहचान पत्र (Family ID) अभियान को तेजी से चलाकर इसे समय से पूरा करें। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिया कि वे अपनी-अपनी विकास योजनाओं को 30 मार्च 2025 तक तय लक्ष्य के अनुरूप पूरा करें।
विभिन्न योजनाओं की समीक्षा
बैठक में जिलाधिकारी ने कई विभागों के विकास कार्यों की गहन समीक्षा की, जिसमें शामिल हैं:
- विद्युत विभाग – बिजली आपूर्ति और वितरण की स्थिति
- पशुपालन विभाग – पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान और निराश्रित गोवंश संरक्षण
- समाज कल्याण विभाग – पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान योजना
- ग्राम्य विकास विभाग – मुख्यमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी)
- जल जीवन मिशन – स्वच्छ पेयजल आपूर्ति
- पर्यटन विभाग – पर्यटन स्थलों का विकास
- लोक निर्माण विभाग – सड़कों का अनुरक्षण, सेतुओं व नई सड़कों का निर्माण
- पंचायती राज विभाग – ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं का विकास
- श्रम एवं सेवायोजन विभाग – श्रमिकों के कल्याण की योजनाएं
निर्माणाधीन परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की मासिक प्रगति रिपोर्ट मांगी और निर्देश दिया कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए और पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द लाभ पहुंचाया जाए।
कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी लाभकारी योजनाओं से वंचित न रहने पाए। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी अपने स्टाफ के साथ योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और समय पर कार्य पूरा कराएं।
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, परियोजना निदेशक राजेश यादव, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, अर्थ एवं संख्याधिकारी चंद्रशेखर, खगेन्द्र, डीसी मनरेगा, सभी खंड विकास अधिकारी समेत जिले के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
