गाज़ीपुर – सेवराई तहसील परिसर में गुरुवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब दो महिलाओं ने नायब तहसीलदार पंकज कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने एक लाख रुपये घूस देने के बावजूद उनके खिलाफ फैसला सुनाया गया। उनका दावा है कि विपक्षी पक्ष से दो लाख रुपये लेकर निर्णय प्रभावित किया गया।
हंगामा बढ़ने पर तहसील प्रशासन ने पुलिस बल बुलाया, जिससे स्थिति नियंत्रण में आई। घटना की सूचना मिलते ही मीडिया भी मौके पर पहुंच गई। उपजिलाधिकारी संजय यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित महिलाओं से प्रार्थना पत्र प्राप्त किया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, यह मामला दिलदारनगर निवासी रविकांत पांडे और शशिकांत पांडे का उनके सौतेले भाई लक्ष्मीकांत पांडेय से जुड़ा है। यह विवाद वर्ष 2017 से राजस्व संहिता की धारा 34 के तहत चल रहा है। महिलाओं का आरोप है कि उनके ससुर की बीमारी का फायदा उठाकर विपक्षी ने संदिग्ध वसीयत तैयार कराई थी।
पीड़ितों की पत्नियां किरण और देवंती देवी ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर एक लाख रुपये नायब तहसीलदार को उनके चालक के माध्यम से दिए थे। बावजूद इसके फैसला टालते हुए अंततः उनके खिलाफ निर्णय दे दिया गया।
नायब तहसीलदार ने आरोपों को निराधार बताया है, जबकि प्रशासन ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।














