उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में रविवार को लखनऊ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर भाजपा की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस हाई-लेवल बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे।
तीन दिन चला मंथन
लखनऊ में यह बैठकों का तीसरा दिन था। इससे पहले शुक्रवार को आरएसएस के सह-सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के पहुंचने के बाद संगठन और सरकार के बीच समन्वय बैठकों का दौर शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री आवास पर कोर कमेटी की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
शनिवार को भी प्रदेश संगठन की नई टीम को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ, जबकि रविवार को ब्रजेश पाठक के आवास पर लगभग दो घंटे चली बैठक में रणनीतिक फैसलों पर मंथन हुआ।
संगठनात्मक फेरबदल और नियुक्तियों पर फोकस
बैठक में संगठनात्मक फेरबदल, विभिन्न आयोगों में लंबित रिक्तियों को भरने और पार्टी संरचना को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही राज्य सरकार की विकास योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में संगठन और विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई।
2027 चुनाव की रणनीति पर जोर
बैठक का सबसे अहम एजेंडा 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार करना रहा। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बैठक के बाद कहा कि यह “सपा को सत्ता से दूर रखने और 2027 में दोबारा जीत सुनिश्चित करने” की तैयारी की बैठक थी।
ऐतिहासिक रही बैठक की जगह
आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक जी ने आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर संगठन महामंत्री श्री धर्मपाल सिंह जी एवं माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी उपस्थित रहे।
इस दौरान प्रदेश के विकास एवं संगठन से जुड़े विभिन्न… pic.twitter.com/CXQ4O5IiEh
— Pankaj Chaudhary (@mppchaudhary) March 22, 2026
गौरतलब है कि Yogi Adityanath सरकार के नौ साल के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब कोर कमेटी की बैठक किसी डिप्टी सीएम के आवास पर आयोजित हुई। इससे पहले ऐसी बैठकें आमतौर पर मुख्यमंत्री आवास (5 कालिदास मार्ग) या भाजपा प्रदेश मुख्यालय में ही होती थीं।
राजनीतिक संकेत क्या?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस बैठक का स्थान और समय दोनों ही अहम संकेत दे रहे हैं। इससे यह स्पष्ट है कि भाजपा अब 2027 के चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है और संगठन से लेकर सरकार तक समन्वय बनाकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
इस बैठक को आगामी चुनावी रणनीति, संगठन के पुनर्गठन और राजनीतिक समीकरणों को साधने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।














