श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर अयोध्या में आयोजित भव्य उत्सव कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने संबोधन दिया। सीएम योगी ने जहां विपक्ष पर तीखा हमला बोला, वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भावुक नजर आए और इसे अपने जीवन के सौभाग्यशाली क्षणों में से एक बताया।
“पिछली सरकारों ने अयोध्या को लहूलुहान किया” — सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पिछली सरकारों ने अयोध्या के खिलाफ साजिश रची और इस पवित्र नगरी को लहूलुहान किया।
उन्होंने कहा,
“अयोध्या के नाम से ही एहसास होता है कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ। कोई भी दुश्मन यहां के पराक्रम के सामने टिक नहीं पाया, लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ, मजहबी जुनून और सत्ता के तुष्टिकरण में अयोध्या को उपद्रव और संघर्ष का अड्डा बना दिया।”
सीएम योगी ने कहा कि राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए और संगठन के विभिन्न दायित्वों के दौरान श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में प्रत्यक्ष भूमिका निभाई थी।
“आज रामलला के भव्य मंदिर को देखकर उन्हें आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।”
5 साल में 45 करोड़ श्रद्धालु
सीएम योगी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं, जबकि पहले यह संख्या कुछ लाख तक सीमित रहती थी।
उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा,
“तब न स्वच्छता थी, न बिजली, न कनेक्टिविटी, न सुरक्षा। जय श्रीराम बोलने पर लाठी पड़ जाती थी, गिरफ्तारियां हो जाती थीं। आज देश में गर्व से जय श्रीराम बोला जाता है।”
उन्होंने केंद्र सरकार की नई रोजगार योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि अब ‘जी राम जी’ नाम से योजना आ रही है, जो रोजगार की सबसे बड़ी स्कीम बनने जा रही है।
“यह वही अयोध्या है जो वर्षों तक रक्तरंजित रही” — राजनाथ सिंह
सीएम योगी के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भावुक संबोधन दिया।
उन्होंने कहा,
“आज इस पावन भूमि पर आकर मैं भावुक और अभिभूत हूं। जीवन में जो चाहिए था, वह आज प्रभु श्रीराम के दर्शन करके मिल गया।”
उन्होंने कहा कि दो साल पहले सदियों की प्रतीक्षा के बाद भगवान श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए।
“आज का दिन मेरे जीवन के सबसे सौभाग्यशाली दिनों में से एक है।”
राजनाथ सिंह ने कहा,
“यह वही अयोध्या है जो वर्षों तक रक्तरंजित रही, पीड़ा और अपमान सहने के बाद भी इस धरती ने आस्था को खत्म नहीं होने दिया। हम सबसे सौभाग्यशाली पीढ़ी हैं, जिन्होंने राम मंदिर का निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा अपनी आंखों से देखी।”
“राम मंदिर आंदोलन दुनिया का सबसे ग्रैंड नैरेटिव”
रक्षा मंत्री ने राम मंदिर आंदोलन को दुनिया का सबसे बड़ा और भव्य आंदोलन बताया।
उन्होंने कहा,
“भूगोल और समय—दोनों के लिहाज से राम मंदिर आंदोलन दुनिया का सबसे ग्रैंड नैरेटिव है। एक समय राम का नाम लेने वालों को अपराधी कहा जाता था। प्रभु राम ने हमें सिखाया है कि समय सबका आता है।”
उन्होंने आगे कहा कि जिन्होंने त्याग और तपस्या को कुचलने की कोशिश की, उनकी स्थिति आज पूरी दुनिया देख रही है।
“हमने केवल राम मंदिर आंदोलन को देखा नहीं, बल्कि उसे जिया है।”
कार्यक्रम में श्रद्धा, भावुकता और उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहां रामनगरी एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम अध्याय की साक्षी बनी।














