Friday, April 3, 2026
Your Dream Technologies
HomePoliticsAAP में बढ़ी अंदरूनी कलह: आतिशी का राघव चड्ढा पर तीखा हमला,...

AAP में बढ़ी अंदरूनी कलह: आतिशी का राघव चड्ढा पर तीखा हमला, “मोदी से डरकर बीजेपी के साथ खड़े” होने का आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha और नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने बड़ा और सीधा हमला बोला है। उन्होंने राघव चड्ढा पर प्रधानमंत्री Narendra Modi से डरने और भारतीय जनता पार्टी के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया है।

एक टीवी इंटरव्यू में आतिशी ने कहा कि राघव चड्ढा लगातार ऐसे मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए हैं, जहां विपक्ष को एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब लोकतंत्र पर कथित हमले हो रहे हैं, तब राघव भाजपा के खिलाफ खुलकर क्यों नहीं बोलते।

आतिशी ने आरोप लगाया कि संसद में कई अहम मौकों पर, जब विपक्ष ने वॉकआउट किया या चुनाव आयोग के खिलाफ इंपिचमेंट जैसे कदम उठाने की कोशिश की, तब राघव चड्ढा ने समर्थन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि वह भाजपा और मोदी सरकार के खिलाफ खड़े होने से हिचकिचा रहे हैं।

उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है, लेकिन राघव चड्ढा ने इस मुद्दे पर भी कोई स्पष्ट रुख नहीं लिया। आतिशी के मुताबिक, “जब भी मोदी जी का नाम आता है, राघव चड्ढा चुप हो जाते हैं, मानो उनके मुंह में दही जम जाती है।”

पार्टी के भीतर बढ़ती दूरी पर बोलते हुए आतिशी ने कहा कि शुरुआत में राघव को “बेनिफिट ऑफ डाउट” दिया गया। उन्होंने बताया कि उनकी गैरमौजूदगी को लेकर पार्टी ने कई बार व्यक्तिगत कारणों को समझने की कोशिश की, लेकिन लगातार भाजपा के खिलाफ चुप्पी ने संदेह को मजबूत कर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि AAP के कई नेता जेल गए, लेकिन उन्होंने भाजपा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद रखी। इसके उलट, राघव चड्ढा का रुख पार्टी लाइन से अलग नजर आ रहा है, जिससे यह धारणा बन रही है कि वह “लोकतंत्र और संविधान की लड़ाई” में विपक्ष के साथ नहीं हैं।

राघव चड्ढा के संभावित रूप से भाजपा में शामिल होने के सवाल पर आतिशी ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय होगा। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि भाजपा नेताओं की ओर से उन्हें “न्योता” जरूर मिल रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर राघव पार्टी छोड़ते हैं, तो उन्हें रोकना या न रोकना उनका निजी फैसला होगा।

गौरतलब है कि हाल ही में राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुद को “खामोश करवाया गया, हारा नहीं हूं” बताया था, जिसके बाद पार्टी के भीतर बयानबाजी तेज हो गई। अब आतिशी के इस तीखे बयान ने AAP के अंदरूनी संकट को और गहरा कर दिया है।

माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है, जिससे पार्टी की एकजुटता और चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button