नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘सीएम जनसुनवाई पोर्टल’ और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। सरकार का दावा है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और 15 दिनों के भीतर उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, यह पोर्टल ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं से संबंधित मामलों और EWS/DG/CWSN श्रेणी की शिकायतों के समाधान में विशेष रूप से मददगार होगा। नागरिक ऑनलाइन माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर उसकी स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए शिकायतों की मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की गई है।
30 रुपये शुल्क में ऑनलाइन सेवाएं
पोर्टल और ऐप के माध्यम से नागरिक 30 रुपये का ऑनलाइन शुल्क देकर विभिन्न आवश्यक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सरलता आएगी। सरकार का कहना है कि इस पहल से भ्रष्टाचार में कमी आएगी और लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं की तैयारी
दिल्ली सरकार अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर 2 मार्च को विशेष कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना जताई गई है। कार्यक्रम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए नई योजनाओं और लाभों की जानकारी दी जाएगी।
होली और दिवाली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर
सरकार ने घोषणा की है कि योग्य परिवारों को होली और दिवाली के अवसर पर एक-एक मुफ्त एलपीजी गैस सिलेंडर दिया जाएगा। सिलेंडर की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी। इस योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में चयनित लाभार्थियों की मौजूदगी भी संभावित है।
लाडली योजना के लाभार्थियों को मिलेगा बकाया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार की एक साल की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में शुरू की गई लाडली योजना के तहत जिन महिलाओं को अब तक भुगतान नहीं मिला था, उन्हें अब उनका बकाया धन दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, पदभार संभालने के समय 1.86 लाख से अधिक मैच्योरिटी अकाउंट बिना दावे के मिले थे। बीते वर्ष 30 हजार लाभार्थियों को 90 करोड़ रुपये वितरित किए गए, जबकि 41 हजार अन्य महिलाओं को लगभग 100 करोड़ रुपये देने की प्रक्रिया जारी है।
सरकार का कहना है कि डिजिटल पोर्टल और नई योजनाओं के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और आम जनता को सीधे लाभ पहुंचाया जा सकेगा।














