गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की गाजीपुर नगर इकाई द्वारा महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज में एक दिवसीय युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख (पूर्वी उत्तर प्रदेश) मिथलेश जी ने कहा कि भारत के युवाओं में अपार क्षमता है और यदि वे देशभक्ति तथा निस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा में समर्पित हों, तो भारत पुनः विश्वगुरु बन सकता है। सम्मेलन में मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मिथलेश जी ने कहा कि यदि युवा पीढ़ी राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरित होकर स्वार्थ से ऊपर उठकर कार्य करे, तो वर्ष 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देशभक्ति की भावना को आत्मसात करें, समाज के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करें और वर्तमान अनुकूल राष्ट्रीय वातावरण का सकारात्मक उपयोग करें।
संघ के सौ वर्षों के सफर का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि संगठन की स्थापना से ही हिंदू समाज को संगठित और सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार ने भारत की गुलामी के कारणों का अध्ययन कर एकता की कमी और स्वबोध के अभाव को प्रमुख कारण माना था। उन्होंने कहा कि आत्मबोध और सामूहिक चेतना के जागरण से ही राष्ट्र अपनी वास्तविक महिमा प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने शताब्दी वर्ष की पहल ‘पंच परिवर्तन’— स्वबोध, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन — पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने की। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना रहा।














