नोएडा, 19 फरवरी 2026: शहर के कई प्रमुख निजी स्कूलों को बुधवार सुबह ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना ऐसे समय सामने आई जब स्कूलों में CBSE बोर्ड परीक्षाएं चल रही थीं। धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, शिव नडार स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल, डीपीएस नोएडा और फादर एग्नेल स्कूल समेत लगभग 12 स्कूलों को धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। ईमेल में स्कूल परिसरों को बम से उड़ाने की बात कही गई थी।
तुरंत एक्शन में पुलिस, स्कूल खाली कराए गए
सूचना मिलते ही नोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस कमिश्नर और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे। एहतियातन कई स्कूलों को तुरंत खाली कराया गया और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वाड की टीमों ने स्कूल परिसरों में सघन तलाशी अभियान चलाया। हर कक्षा, लैब, पार्किंग और अन्य हिस्सों की गहन जांच की गई।
कुछ स्कूलों में कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षाएं जारी रखी गईं, जबकि अन्य स्कूलों में परीक्षा स्थगित कर छात्रों को अभिभावकों के साथ घर भेज दिया गया।
प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक की प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। पुलिस इस धमकी को फिलहाल “होक्स” यानी अफवाह मानकर चल रही है, लेकिन मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है।
नोएडा पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैदी से काम कर रही हैं।
साइबर सेल कर रही है ईमेल की जांच
धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को जांच सौंपी गई है। आईपी एड्रेस और सर्वर डिटेल्स खंगाली जा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि ईमेल कहां से भेजा गया।
पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों में चिंता, प्रशासन सतर्क
घटना की सूचना मिलते ही स्कूलों के बाहर अभिभावकों की भीड़ लग गई। कई माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए। हालांकि पुलिस और स्कूल प्रशासन ने मिलकर हालात को संभाला और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
यह घटना एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा और साइबर धमकियों के बढ़ते खतरे पर सवाल खड़े करती है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और धमकी देने वालों तक पहुंचना है।
स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जांच जारी है।














