पटना/छपरा: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार और लोकप्रिय सिंगर-एक्टर खेसारी लाल यादव ने राजनीति से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया है। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति में कदम रखने वाले खेसारी लाल ने साफ शब्दों में कहा कि वे “सिर्फ एक कलाकार हैं और कलाकार ही रहना चाहते हैं।”
उन्होंने राजनीति पर निराशा जताते हुए कहा, “राजनीति मेरे बस की बात नहीं है। वहां झूठ बोलना पड़ता है और मैं सच बोलने वाला इंसान हूं। मैं कलाकार हूं, राजनीति नहीं करूंगा।” उनके इस बयान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि वे सक्रिय राजनीति से पूरी तरह किनारा कर लेंगे।
पिछले साल RJD में हुए थे शामिल
खेसारी लाल यादव, जिनका असली नाम शत्रुघ्न यादव है, ने अक्टूबर में बिहार चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का दामन थामा था। पार्टी ने उनकी लोकप्रियता को देखते हुए सारण लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली छपरा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था।
हालांकि चुनावी मैदान में उनकी किस्मत साथ नहीं दे सकी। उन्हें भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार छोटी कुमारी से 7,600 से अधिक मतों से हार का सामना करना पड़ा।
छपरा सीट पर पिछले चार विधानसभा चुनावों—2010, 2015, 2020 और 2025—में बीजेपी का दबदबा रहा है। बीजेपी के सीएन गुप्ता 2015 और 2020 में यहां से विधायक चुने गए थे।
“यहां सच बोलना मुश्किल है”
जनवरी में चुनावी हार पर प्रतिक्रिया देते हुए खेसारी लाल ने संकेत दिया था कि वे राजनीति में सहज महसूस नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हार का कारण सबको पता है। पूरा बिहार जानता है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि मैं एक कलाकार के तौर पर ज्यादा अच्छा हूं। राजनीति हम जैसे लोगों के लिए सही नहीं है। यहां दिक्कत यही है कि सच बोलना मुश्किल हो जाता है। जो कोई भी सच बोलता है, वह राजनीति में ज्यादा आगे नहीं जा सकता।”
खेसारी ने तीखा बयान देते हुए कहा, “अगर आपको झूठे वादे करना आता है, तो राजनीति में आ जाइए। अगर आप दुनिया को बेवकूफ बनाना चाहते हैं, तो राजनीति में आ जाइए।”
कलाकार की पहचान ही असली ताकत
भोजपुरी सिनेमा में अपनी दमदार आवाज और अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले खेसारी लाल यादव ने साफ किया कि वे जनता के दिलों में एक कलाकार के रूप में रहना चाहते हैं। उनका मानना है कि कला के जरिए समाज से जुड़ना उन्हें ज्यादा सुकून देता है।
राजनीति में उनका सफर भले ही छोटा रहा, लेकिन इस अनुभव ने उन्हें यह समझा दिया कि उनका असली मंच फिल्म और संगीत की दुनिया ही है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि खेसारी लाल यादव पूरी तरह से मनोरंजन जगत पर ध्यान केंद्रित करते हैं या भविष्य में किसी और रूप में सामाजिक भूमिका निभाते हैं। फिलहाल, उनका संदेश साफ है—“मैं कलाकार हूं और कलाकार ही रहूंगा।”














