गुवाहाटी। असम की सियासत में बड़ा उलटफेर सामने आया है। असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष Bhupen Kumar Borah 22 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। यह जानकारी मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने मंगलवार को बोरा से मुलाकात के बाद दी।
बोरा ने 32 वर्षों तक कांग्रेस में सक्रिय राजनीति करने के बाद पार्टी से इस्तीफा दिया है। उनके इस्तीफे के एक दिन बाद मुख्यमंत्री सरमा गुवाहाटी के घोरमारा स्थित उनके आवास पहुंचे, जहां बोरा की पत्नी और बेटे ने आरती कर उनका स्वागत किया।
भाजपा में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम भाजपा अध्यक्ष Dilip Saikia बोरा के साथ चर्चा कर पार्टी में शामिल होने की औपचारिक प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे।
सरमा ने दावा किया कि बोरा का भाजपा में आना इस बात का प्रमाण होगा कि कांग्रेस में हिंदुओं के लिए जगह नहीं बची है। उन्होंने कहा कि बोरा ने कांग्रेस में लंबे समय तक संघर्ष किया, लेकिन उन्हें वह अवसर नहीं मिला जिसकी वे अपेक्षा कर रहे थे। भाजपा में उन्हें अपनी राजनीतिक दृष्टि को आगे बढ़ाने का पूरा मौका मिलेगा।
कांग्रेस पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए था, जिनकी वजह से बोरा को 32 साल बाद पार्टी छोड़नी पड़ी। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से आत्ममंथन और सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत बताई।
बता दें कि बोरा ने सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। हालांकि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं किया और उन्हें मनाने की कोशिश की गई। बोरा ने भी अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए कुछ समय मांगा था, लेकिन अब उनके भाजपा में शामिल होने की घोषणा ने राजनीतिक तस्वीर साफ कर दी है।
AIUDF का कांग्रेस पर हमला
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाली All India United Democratic Front (AIUDF) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
AIUDF नेता रफीकुल इस्लाम ने कहा कि बोरा की बॉडी लैंग्वेज से पहले ही स्पष्ट था कि वे भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भाजपा के “एजेंट्स” को ऊंचे पदों पर बैठा दिया है।
इस्लाम ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस और AIUDF मिलकर चुनाव लड़ते तो भाजपा सरकार नहीं बना पाती। उनके अनुसार, कांग्रेस को मुस्लिम वोट तो पसंद हैं, लेकिन जब कोई मुस्लिम नेता आगे बढ़ता है तो उसे स्वीकार नहीं किया जाता।
असम की सियासत में नई हलचल
भूपेन बोरा का भाजपा में जाना असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का सत्ताधारी दल में शामिल होना आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम राज्य में विपक्ष की रणनीति और गठबंधन की संभावनाओं पर भी असर डाल सकता है। अब 22 फरवरी को बोरा के औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने पर सबकी नजरें टिकी हैं।














