नई दिल्ली: Narendra Modi ने सोमवार को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन करते हुए स्पष्ट कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत के भविष्य की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि AI न केवल नागरिकों को सशक्त बनाता है, बल्कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा को भी तेज करेगा।
मंगलवार को न्यूज एजेंसी ANI को दिए विस्तृत इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने 2047 के भारत का विजन साझा करते हुए कहा कि AI को पूरी तरह मानव-केंद्रित रहते हुए वैश्विक विकास को गति देनी चाहिए। उनका लक्ष्य है कि भारत दुनिया की टॉप तीन एआई सुपरपावर में शामिल हो।
AI: एक सिविलाइजेशनल इन्फ्लेक्शन पॉइंट
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मानव इतिहास के एक निर्णायक मोड़ पर AI खड़ा है। यह तकनीक समाज, अर्थव्यवस्था और शासन प्रणाली में व्यापक परिवर्तन ला सकती है।
उन्होंने कहा कि भारत ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना से प्रेरित है और AI के माध्यम से ग्लोबल साउथ के लिए एक स्केलेबल और समावेशी मॉडल प्रस्तुत कर सकता है।
‘आत्मनिर्भर भारत’ और डिजिटल संप्रभुता
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि AI में आत्मनिर्भर भारत का अर्थ है—डिजिटल सदी के लिए भारत अपना खुद का ‘कोड’ लिखे।
उन्होंने बताया कि AI में आत्मनिर्भरता का विजन तीन स्तंभों पर आधारित है:
1.संप्रभुता (Sovereignty) – डेटा और डिजिटल इकोसिस्टम पर राष्ट्रीय नियंत्रण
2.समावेशिता (Inclusivity) – तकनीक का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे
3.नवाचार (Innovation) – वैश्विक स्तर की शोध और तकनीकी क्षमता
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास AI पावरहाउस बनने की प्रतिभा, जनशक्ति और टेक्नोलॉजी क्षमता मौजूद है।
“India should be among the top three AI superpowers globally”: PM Modi sets 2047 vision
FULL TRANSCRIPT of Prime Minister Narendra Modi’s interview to @ANI l https://t.co/cGA3yljgLV pic.twitter.com/2UQM6qjIq3
— ANI Digital (@ani_digital) February 17, 2026
2030 तक 400 बिलियन डॉलर का IT सेक्टर
प्रधानमंत्री ने AI के आर्थिक प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाजार के अनुमान बताते हैं कि भारत का IT सेक्टर 2030 तक 400 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
AI से रोजगार पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर उन्होंने कहा, “तैयारी डर का सबसे अच्छा इलाज है।” इसी सोच के साथ सरकार स्किलिंग और री-स्किलिंग कार्यक्रमों में निवेश कर रही है, ताकि युवा एआई-आधारित भविष्य के लिए तैयार हो सकें।
वैश्विक नेतृत्व की ओर भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है—जब भी नवाचार होता है, नए अवसर पैदा होते हैं। AI का युग भी इससे अलग नहीं होगा।
उन्होंने दोहराया कि भारत AI को मानव-केंद्रित, नैतिक और समावेशी दिशा में आगे बढ़ाएगा। उनका विश्वास है कि सहयोग, नवाचार और समावेशिता के बल पर भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को प्राप्त करेगा और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में अहम भूमिका निभाएगा।














