14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी पर देश ने शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उन्हें याद किया।
पुलवामा हमला: एक काला दिन
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर जा रहे Central Reserve Police Force (CRPF) के काफिले को आत्मघाती हमले का निशाना बनाया गया था। काफिले में 78 बसें शामिल थीं, जिनमें लगभग 2,500 जवान सवार थे। विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी ने एक बस को टक्कर मार दी, जिससे भीषण विस्फोट हुआ और 40 जवान शहीद हो गए।
इस हमले को भारतीय इतिहास के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जाता है। तब से 14 फरवरी को देश ‘ब्लैक डे’ के रूप में याद करता है।
पीएम मोदी ने कहा—‘बहादुर हीरो’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें “बहादुर हीरो” बताया। उन्होंने कहा कि देश उनके सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूलेगा और भारत उनकी वीरता को सदैव स्मरण करेगा।
Remembering the brave heroes who laid down their lives in Pulwama on this day in 2019. Their devotion, resolve and service to the nation remain forever etched in our collective consciousness. Every Indian draws strength from their enduring courage.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 14, 2026
राहुल गांधी का संदेश
राहुल गांधी ने भी हमले में शहीद हुए जवानों को नमन करते हुए कहा कि 2019 में हुए इस दुस्साहसिक आतंकवादी हमले में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों के प्रति देश हमेशा ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत माता की रक्षा में दिया गया उनका बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
उपराष्ट्रपति की श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी पुलवामा हमले की बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जवानों का सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र को एक मजबूत और सुरक्षित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और भारत की कार्रवाई
हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक निंदा हुई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।
हमले के जवाब में भारत ने कई काउंटर-टेरर कदम उठाए। इनमें सीमा पार आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर एयरस्ट्राइक भी शामिल थी। इस सैन्य कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।
देश की सुरक्षा कहानी में अहम मोड़
पुलवामा हमला भारत की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ रणनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा प्रोटोकॉल और सख्त किए गए।
सात साल बाद भी 14 फरवरी का दिन देश को उन 40 वीर सपूतों की याद दिलाता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका बलिदान राष्ट्र की स्मृति में सदैव अमर रहेगा।














