नोएडा, 24 जनवरी (समाचार)। नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की जांच कर रही एसआईटी (एडीजी भानु भास्कर-नेतृत्व) ने आज फिर से नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय में पहुँचकर लगभग 450 पन्नों की प्रस्तुत रिपोर्टों की गहन समीक्षा शुरू की। एसआईटी को नोएडा प्राधिकरण, पुलिस और जिला प्रशासन — तीनों से विस्तृत रिपोर्ट मिली हैं और अब तक करीब 125-150 अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज हो चुके हैं।
एडीजी भानु भास्कर की अगुवाई में टीम ने शुरु की गहन समीक्षा
एसआईटी की टीम ने आज नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में पहुंचकर प्रस्तुत कराई गई रिपोर्टों — जो तकनीकी, प्रशासनिक और बचाव-कार्य से सम्बंधित दस्तावेजों का संग्रह हैं — की बारीकी से पड़ताल शुरू कर दी। अधिकारी बता रहे हैं कि रिपोर्टों में सुरक्षा व्यवस्थाओं, ऑपरेशन-लॉग, कॉल/इन्फॉर्मेशन टाइमलाइन और विभिन्न टीमों (पुलिस, फायर विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल विभाग) के कामकाज का विस्तृत ब्यौरा मौजूद है।
मुख्य बिंदु जो एसआईटी अब स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है: दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कहाँ चूक हुई, सूचना किन-किन को और कब दी गई, और सुरक्षा संसाधनों व प्रोटोकॉल में किस स्तर की लापरवाही सामने आती है। टीम शाम तक या कल तक अपनी समेकित रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने भी एडीजी भानु भास्कर से फोन पर जानकारी ली है।
गवाहों के बयान: डिलीवरी बॉय मुनेंद्र की गवाही अहम
एसआईटी ने घटना का सीधा-दर्शी मुनेंद्र (डिलीवरी बॉय) को भी आज नोएडा तलब करके बयान दर्ज किया। मुनेंद्र एसआईटी के समक्ष लगभग दो बजे पेश हुआ — जांच टीम को उम्मीद है कि उसकी गवाही हादसे के समय की परिस्थितियों, मौके की सटीक टाइमलाइन और यह बताने में मदद करेगी कि कुन-कुन घटनाक्रम ने बचाव में विलंब या असमर्थता को जन्म दिया।
कौन-कौन सी एजेंसियाँ बयान दे चुकीं — और क्या हुआ बाद में?
एसआईटी के पास अब तक नोएडा प्राधिकरण, पुलिस, जिला प्रशासन, फायर विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित जांच एजेंसियों के बयान हैं। जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों में यह भी दर्ज है कि एसआईटी के आगमन के बाद ही प्राधिकरण ने अगले दिन ही सेक्टर-150 की सड़कों पर साइन-बोर्ड और मार्किंग करवाकर कुछ आपातकालीन सुधार कराए — सवाल यह उठता है कि हादसे से पहले इन व्यवस्थाओं को क्यों दुरुस्त नहीं किया गया।
गिरफ्तारी, जिम्मेदारी और अगले कदम
एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा इंतजामों की कमी, सूचना में देरी और बचाव कार्य में कमी के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी होगी। फिलहाल कई गिरफ्तारियाँ बाकी बताई जा रही हैं, तथा एसआईटी ने पुलिस से पूछा है कि दोषियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों पर प्राथमिकी, सज़ा या प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।
शोक सभा और परिवार का दर्द
युवराज मेहता के परिवार ने आज सेक्टर-150 स्थित यूरेका सोसायटी के क्लब में शाम करीब 4 बजे शोक सभा का आयोजन किया, जिसमें समाज के कई लोग, रिश्तेदार और मीडिया मौजूद थे। सोसाइटी के बाहर मीडिया का जमावड़ा और एहतियाती रूप से पुलिस बल तैनात दिखा।
निष्कर्ष और उम्मीदें
एसआईटी की टीम आज से नोएडा प्राधिकरण में गहन समीक्षा कर रही है; रिपोर्ट लगभग 450 पन्नों की है और 125-150 के आसपास लोगों के बयान दर्ज हैं।
मुख्यमंत्री को आज शाम या कल तक रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना जताई गई है।
रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि 2 घंटे चले रेस्क्यू में कौन-सी प्रक्रियात्मक चूक हुई और किन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
भविष्य में हादसों से बचाव व त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक और तकनीकी सुधार की सिफारिशें होने की उम्मीद है।
एसआईटी की जांच अभी निर्णायक चरण में है; रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि किसे कारणी माना जाएगा और क्या दंडनीय कार्रवाई होगी। हम आपको जैसे ही एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट या प्रशासनिक एक्टिविटी की पुष्टि मिलती है, ताज़ा अपडेट देंगे।














