अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो स्थित अपने क्लब में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इस दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू के नेतृत्व की खुलकर तारीफ़ करते हुए इज़राइल के अस्तित्व के लिए उसे निर्णायक बताया।
मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “यह एक बहुत अच्छा ग्रुप है। हमने पहले ही काफी प्रोग्रेस कर ली है।” उन्होंने दावा किया कि करीब पाँच मिनट की बातचीत में ही तीन बड़ी और जटिल समस्याओं को सुलझा लिया गया है।
इज़राइल के नेतृत्व पर ट्रंप का भरोसा
नेतन्याहू के समर्थन में ट्रंप ने कहा, “अगर आपके पास गलत प्रधानमंत्री होता, तो आज इज़राइल मौजूद ही नहीं होता।” उनके इस बयान को नेतन्याहू के प्रति मज़बूत राजनीतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
ग़ज़ा सीज़फ़ायर, ईरान और हिज़्बुल्लाह पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ग़ज़ा में सीज़फ़ायर, ईरान से बढ़ते ख़तरे और लेबनानी संगठन हिज़्बुल्लाह को लेकर इज़राइल की सुरक्षा चिंताओं पर विस्तार से बातचीत हुई। ट्रंप ने यह भी बताया कि एक दिन पहले उनकी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की से भी मुलाकात हुई थी।
#WATCH | Florida, USA | President Donald Trump says, “We are going to be dealing on Gaza, that’s why this very great Prime Minister is here. We are going to talk about Gaza, we are talking about a lot of things. We have about five major subjects that we are discussing and Gaza… pic.twitter.com/QRPC2XQxAG
— ANI (@ANI) December 29, 2025
‘हमास को निहत्था करना ज़रूरी’
ट्रंप ने कहा कि वह इज़राइल और हमास के बीच सीज़फ़ायर डील के दूसरे चरण को जल्द से जल्द आगे बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए हमास का पूरी तरह निहत्था होना ज़रूरी है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बीते एक साल में अमेरिका की मध्यस्थता से इज़राइल–हमास, इज़राइल–ईरान और इज़राइल–लेबनान के बीच कुल तीन सीज़फ़ायर समझौते कराए गए हैं।
सीज़फ़ायर का पहला चरण
अक्टूबर में दोनों पक्षों के बीच हुए सीज़फ़ायर समझौते के पहले चरण के तहत इज़राइल ने ग़ज़ा के कुछ इलाकों से पीछे हटने पर सहमति जताई, जबकि मानवीय सहायता बढ़ाई गई। इसके अलावा बंधकों के बदले फ़िलिस्तीनी कैदियों की रिहाई भी इस चरण का अहम हिस्सा रही।














