Friday, January 16, 2026
Your Dream Technologies
HomeEconomyRBI की रिपोर्ट: भारतीय बैंकिंग सिस्टम मजबूत, बैड लोन कई दशकों के...

RBI की रिपोर्ट: भारतीय बैंकिंग सिस्टम मजबूत, बैड लोन कई दशकों के निचले स्तर पर

भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की “Trend and Progress of Banking in India” रिपोर्ट के अनुसार, देश के बैंक पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में हैं। बैंकिंग सिस्टम की बैलेंस शीट लगातार सुधार रही है और सबसे बड़ी राहत यह है कि बैड लोन (NPAs) कई दशकों के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। इसका साफ मतलब है कि अब लोग और कंपनियां अपने कर्ज समय पर चुका रही हैं और बैंकिंग सिस्टम पर दबाव कम हुआ है।

बैड लोन में कमी

रिपोर्ट के अनुसार, ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) रेशियो सितंबर 2025 तक घटकर 2.1% रह गया है, जबकि मार्च 2025 में यह 2.2% था। यानी हर 100 रुपये के कर्ज में अब सिर्फ लगभग 2 रुपये ही खराब स्थिति में हैं। यह आंकड़ा भारतीय बैंकिंग सिस्टम की मजबूती और वित्तीय स्वास्थ्य को दर्शाता है।

रिटेल लोन में सुधार

रिपोर्ट में कहा गया है कि हाउसिंग लोन, एजुकेशन लोन और क्रेडिट कार्ड जैसे रिटेल लोन सेगमेंट में एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं। उदाहरण के तौर पर, टीवी, फ्रिज और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लोन में एनपीए का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक है। इंडस्ट्री सेक्टर में लेदर और लेदर प्रोडक्ट्स से जुड़ी कंपनियों के कर्ज में सबसे ज्यादा समस्या देखी गई।

पर्सनल लोन पर RBI की सख्ती

RBI ने पिछले दो सालों में पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड जैसे खर्च आधारित कर्जों पर सावधानी बरती। छोटे पर्सनल लोन तेजी से बढ़ रहे थे, जिससे 2023 के अंत में RBI ने नियम सख्त कर दिए थे। इसका असर यह हुआ कि जोखिम भरे कर्जों पर नियंत्रण आया। बाद में हालात सुधरने पर RBI ने कुछ नियमों में आंशिक ढील भी दी।

बैंक मुनाफा और वृद्धि

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024-25 के दौरान बैंकों के डिपॉजिट और लोन दोनों में अच्छी बढ़ोतरी हुई, हालांकि पिछले साल की तुलना में यह वृद्धि थोड़ी धीमी रही। इंटरेस्ट मार्जिन घटने के कारण बैंकों के मुनाफे की ग्रोथ धीमी रही, लेकिन राहत की बात यह है कि बैंक मजबूत पूंजी आधार पर खड़े हैं और उनकी लिक्विडिटी स्थिति रेगुलेटरी जरूरतों से कहीं बेहतर है।

जलवायु जोखिम पर RBI की निगरानी

RBI ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन भविष्य में वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए, सेंट्रल बैंक एक नई सूचना प्रणाली तैयार कर रहा है, जिससे जलवायु जोखिमों की सही पहचान की जा सके। RBI का कहना है कि क्लाइमेट फाइनेंस सिर्फ नीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी है और इसमें सभी का सहयोग जरूरी है।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Call Now Button