गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ एवं पीजी कॉलेज शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शीतकालीन अवकाश के दौरान परीक्षा आयोजित करने के निर्णय पर कड़ा विरोध जताया है। बुधवार को शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने पीजी कॉलेज, गाजीपुर के प्राचार्य डॉ. राघवेन्द्र पाण्डेय को कुलपति के नाम संबोधित एक मांग पत्र सौंपते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।
अवकाश की गरिमा पर उठाया सवाल
महाविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. मनोज कुमार सिंह एवं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के संयुक्त मंत्री (वरिष्ठ) डॉ. जे. के. राव ने मांग पत्र में स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय द्वारा 25 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। इसके बावजूद इस अवधि के बीच परीक्षा कराना अवकाश की मूल भावना के विपरीत है।
शिक्षकों की मानसिक और पारिवारिक समस्याएं
शिक्षक नेताओं ने कहा कि सतत शिक्षण, मूल्यांकन कार्य और आंतरिक परीक्षाओं के बाद यह अवकाश शिक्षकों के लिए मानसिक विश्राम का समय होता है। इस दौरान वे अपने परिवार, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता के साथ समय बिताने की योजना बनाते हैं।
व्यक्तिगत व सामाजिक योजनाओं पर पड़ेगा असर
शिक्षकों का कहना है कि अवकाश के बीच परीक्षा आयोजित होने से उनकी व्यक्तिगत एवं सामाजिक योजनाएं प्रभावित होंगी। इससे न केवल मानसिक तनाव बढ़ेगा, बल्कि कार्य-जीवन संतुलन भी बिगड़ेगा।
निर्णय पर पुनर्विचार की मांग
शिक्षक संघ ने कुलपति से मांग की है कि शीतकालीन अवकाश की अवधि में किसी भी प्रकार की परीक्षा आयोजित न की जाए और परीक्षा कार्यक्रम को अवकाश समाप्त होने के बाद पुनर्निर्धारित किया जाए।














