
बिग ब्रेकिंग – उत्तर प्रदेश पुलिस ने बाहुबली बृजेश सिंह के बेटे सिद्धार्थ सिंह से 12 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी बिहार के साइबर अपराधी हैं, जिन्होंने एक पेंट कंपनी की डीलरशिप दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की थी।
कैसे हुई ठगी?
सिद्धार्थ सिंह, जो कई कंपनियों की एजेंसियों के मालिक हैं, ने इंटरनेट पर एशियन पेंट्स की डीलरशिप के लिए एक विज्ञापन देखा। उन्होंने विज्ञापन में दी गई वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया। इसके 24 घंटे बाद उन्हें एक फोन आया, जिसमें उनसे अलग-अलग माध्यमों से लगभग 12 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए गए। ठगों ने उन्हें फर्जी दस्तावेज और मेल भेजकर जल्द एग्रीमेंट करने का झांसा दिया।
जब डीलरशिप नहीं मिली, तो सिद्धार्थ ने अपनी रकम वापस मांगी। ठगों ने पहले बहाने बनाए और फिर उनका फोन स्विच ऑफ कर दिया। संदेह होने पर सिद्धार्थ के मैनेजर ने एशियन पेंट्स के ऑफिस जाकर पूछताछ की, तब ठगी का खुलासा हुआ।
पुलिस ने कैसे पकड़ा ठगों को?
सिद्धार्थ सिंह ने दिसंबर 2024 में वाराणसी के सिगरा थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस की साइबर टीम ने जांच शुरू की और IP एड्रेस के जरिए तीनों आरोपियों को ट्रैक कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से मोबाइल, लैपटॉप, और नगद राशि भी बरामद हुई है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
- विश्वास कुमार – मुख्य आरोपी, बिहार के नालंदा का रहने वाला, कंप्यूटर साइंस से बीटेक और सॉफ्टवेयर डेवलपर
- अभिनय कुमार – विश्वास कुमार का बड़ा भाई
- सोहन कुमार – पटना का रहने वाला
तीनों आरोपियों ने मिलकर एशियन पेंट्स की फर्जी वेबसाइट बनाई और विज्ञापन के जरिए लोगों को फंसाने लगे।
“अगर पता होता कि बृजेश सिंह का बेटा है, तो ठगी नहीं करते”
गिरफ्तार होने के बाद आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे बृजेश सिंह का नाम तो जानते थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि जिससे ठगी कर रहे हैं, वह उनका बेटा है। अगर उन्हें यह जानकारी होती, तो वे ऐसा नहीं करते।
फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी का नेटवर्क चलाता था विश्वास कुमार
विश्वास कुमार लंबे समय से साइबर ठगी कर रहा था। वह एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, और बल्क सीमेंट जैसी कंपनियों के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर बेचता था। वह साइबर अपराधियों को ये वेबसाइट बेचकर कमीशन भी लेता था। उसके लैपटॉप से कई फर्जी वेबसाइट बरामद हुई हैं, जिन्हें वह गूगल ऐड्स के जरिए प्रमोट करता था और फिर साइट को क्रैश कर देता था।
पुलिस की अगली कार्रवाई
पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। इसके अलावा, विश्वास कुमार द्वारा बनाई गई अन्य फर्जी वेबसाइट्स की भी जांच की जा रही है ताकि और ठगी के मामलों का पता लगाया जा सके।
