नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और जयंत चौधरी को 18 मार्च को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है, जिससे राजनीतिक और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है। यह धमकी उनके निजी सहायक (PA) को फोन कॉल और व्हाट्सएप संदेश के जरिए दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल निवासी ‘इस्माइल’ के रूप में हुई है। आरोपी ने न केवल धमकी दी, बल्कि यह भी दावा किया कि उसके पास केंद्रीय मंत्री के आधिकारिक दौरे की योजना की कॉपी मौजूद है, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस जांच तेज
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। साथ ही पश्चिम बंगाल पुलिस भी आरोपी की तलाश में जुट गई है। दोनों राज्यों की एजेंसियां मिलकर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और भूमिका
जयंत चौधरी वर्तमान में राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख हैं और केंद्र सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्यरत हैं। वह राज्यसभा के सदस्य भी हैं।
2024 के लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (SP) के साथ गठबंधन खत्म कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का साथ दिया था। यह फैसला उस समय आया जब केंद्र सरकार ने उनके दादा और पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह को ‘भारत रत्न’ देने की घोषणा की थी, जिस पर चौधरी ने सोशल मीडिया पर “दिल जीत लिया” कहकर प्रतिक्रिया दी थी।
RLD का चुनावी प्रदर्शन
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में RLD ने SP के साथ गठबंधन कर 33 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें पार्टी को 8 सीटों पर जीत मिली। बाद में खतौली उपचुनाव जीतकर पार्टी ने अपनी संख्या 9 कर ली। वर्तमान में पार्टी योगी आदित्यनाथ सरकार का हिस्सा है, और इसके विधायक अनिल कुमार राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हैं।
किसानों को लेकर बयान
हाल ही में जयंत चौधरी ने किसानों को लेकर भी अहम बयान दिया था। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के जरिए बेहतर बाजारों तक पहुंच बनाकर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन इन योजनाओं का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब किसान जागरूक होकर संगठित रूप से कार्य करेंगे।
केंद्रीय मंत्री को मिली इस धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं, और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और खुलासे हो सकते हैं।














